सपा विधायकों का कहना है कि समिट में यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित दावों के चलते देश और प्रदेश की साख को नुकसान पहुंचा है और इसका सीधा असर छात्र-छात्राओं के भविष्य पर पड़ सकता है। विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस में चिंता और अनिश्चितता का माहौल भी देखा जा रहा है।

UP News : दिल्ली में आयोजित ‘AI Impact Summit’ से जुड़ा गलगोटियाज यूनिवर्सिटी का विवाद अब उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शून्यकाल में समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने इस प्रकरण को उठाते हुए यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द करने और मामले की निष्पक्ष, विस्तृत जांच कराने की मांग की। सपा विधायकों का कहना है कि समिट में यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित दावों के चलते देश और प्रदेश की साख को नुकसान पहुंचा है और इसका सीधा असर छात्र-छात्राओं के भविष्य पर पड़ सकता है। विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस में चिंता और अनिश्चितता का माहौल भी देखा जा रहा है।
सपा विधायक सचिन यादव ने नियम 56 के तहत प्रकरण उठाते हुए आरोप लगाया कि समिट में एक विदेशी (चीन में बने) उत्पाद को अपना बताकर पेश करने जैसी बातें सामने आईं, जिससे उत्तर प्रदेश और भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचा। उन्होंने इसे राजनीति से ऊपर बताते हुए कहा कि यह मामला प्रदेश की प्रतिष्ठा और शिक्षा संस्थानों की विश्वसनीयता से जुड़ा है। विधायक ने सरकार से मांग की कि पूरे घटनाक्रम की समयबद्ध जांच हो, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
सपा नेताओं ने सदन में कहा कि विवाद की वजह से यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे विद्यार्थियों के सामने डिग्री/करियर की अनिश्चितता जैसी आशंकाएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह जांच प्रक्रिया को पारदर्शी रखे और यह सुनिश्चित करे कि किसी भी हालत में छात्रों के हित प्रभावित न हों। विधानसभा में मान्यता रद्द करने की मांग उठने के बाद यूनिवर्सिटी के छात्रों में डर और तनाव की स्थिति बनती दिख रही है। कुछ छात्र दबी जुबान में कह रहे हैं कि इस विवाद से यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा पर आंच आई है, जिसका असर प्लेसमेंट, उच्च शिक्षा और करियर विकल्पों पर पड़ सकता है। UP News