सुलतानपुर में गल्ला मंडी के व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर नगरपालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए। व्यापारियों ने करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन से जुड़े विवाद की निष्पक्ष जांच, अभिलेख सुरक्षित रखने और नगरपालिका के अधिवक्ता की भूमिका की जांच की मांग की।

UP News: उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में गल्ला मंडी की जमीन को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। सोमवार को गल्ला मंडी के व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते हुए नगरपालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। व्यापारियों ने करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन से जुड़े मामले की जांच कराने और संपत्ति को सुरक्षित रखने की मांग की। प्रदर्शन के बाद व्यापारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित चार सूत्रीय मांगपत्र अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रीति जैन को सौंपा। व्यापारियों का कहना है कि मामला केवल जमीन के स्वामित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लंबे समय से यहां कारोबार कर रहे व्यापारियों के हित भी जुड़े हुए हैं। UP News:
व्यापारियों के अनुसार अमेठी बाड़ा गल्ला मंडी की जमीन नजूल संपत्ति से जुड़ी है और वर्ष 1930 में यह जमीन नगरपालिका के पक्ष में पट्टे पर दी गई थी। इसके बाद यहां व्यापारियों को दुकानें आवंटित की गईं और लंबे समय से व्यापारी इस परिसर में कारोबार कर रहे हैं। इस संपत्ति के स्वामित्व को लेकर न्यायिक विवाद पहले से चला आ रहा है। हाल में सामने आई रिपोर्टों में भी व्यापारियों ने नगरपालिका से न्यायालय में लंबित मामले की प्रभावी पैरवी कराने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। व्यापारियों का आरोप है कि नजूल संपत्ति से जुड़े मुकदमे में नगरपालिका परिषद की ओर से प्रभावी पैरवी नहीं की गई। उनका दावा है कि नोटिस दिए जाने के बावजूद पर्याप्त पैरवी न होने के कारण 17 मार्च 2026 को एकतरफा आदेश के जरिए मुकदमा खारिज हो गया। व्यापारियों ने नगरपालिका के अधिवक्ता की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित न्यायिक मामले में आवश्यक कानूनी कदम उठाकर नगरपालिका और व्यापारियों के हितों की रक्षा किए जाने की अपील की है। हालांकि, उपलब्ध अन्य रिपोर्टों में इसी संपत्ति से जुड़े एक पुराने न्यायिक विवाद में 31 जुलाई 2025 को द्वितीय अपील के अदम पैरवी में खारिज होने का उल्लेख है। इसलिए मामले की अलग-अलग न्यायिक कार्यवाहियों और तारीखों को आधिकारिक अभिलेखों से सत्यापित किया जाना जरूरी है।
व्यापारी मनीष साहू ने नगरपालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल पर उनके पिता राम निवास अग्रवाल और बाबा विम्भर दयाल अग्रवाल के साथ मिलकर कथित रूप से साजिश करने का आरोप लगाया। व्यापारियों का दावा है कि जमीन से जुड़े मुकदमे के दौरान संबंधित संपत्ति की रजिस्ट्री भी करा ली गई। व्यापारियों ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का पक्ष भी सामने आना बाकी है। प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने दावा किया कि करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पर आठ मंजिला इमारत बनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से जमीन से संबंधित सभी अभिलेख सुरक्षित रखने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि यदि संपत्ति और उससे जुड़े रिकॉर्ड की समय रहते जांच नहीं की गई तो लंबे समय से कारोबार कर रहे दुकानदारों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद व्यापारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित मांगपत्र अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रीति जैन को सौंपा। मांगपत्र में जमीन से जुड़े अभिलेखों की सुरक्षा, नगरपालिका के अधिवक्ता की भूमिका की जांच और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग प्रमुख रही। व्यापारियों के अनुसार प्रशासन की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया कि किसी भी व्यापारी के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शन में गुरूमीत सिंह, ऋषि अग्रहरि, हरप्रीत सिंह, नीतू देवी अग्रहरि, जय किशन जायसवाल, सचिन जायसवाल, संतोष अग्रवाल, राम दुलारे, शम्भू और दिलीप कुमार अग्रहरि समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।
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