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प्रदेश के मोरादाबाद में भीषण गर्मी के बीच एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। तेज धमाके की आवाज सुनकर लोगों को लगा मानो कोई बड़ा बम फट गया हो।

UP News : उत्तर प्रदेश के मोरादाबाद में भीषण गर्मी के बीच एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। तेज धमाके की आवाज सुनकर लोगों को लगा मानो कोई बड़ा बम फट गया हो। कुछ ही मिनटों में आसपास अफरा-तफरी मच गई। बाद में पता चला कि यह विस्फोट रसोई गैस सिलेंडर फटने की वजह से हुआ था। हादसा इतना खतरनाक था कि आसपास के कई मकानों में दरारें आ गईं, पानी की टंकियां टूट गईं और सिलेंडर के टुकड़े करीब 100 मीटर दूर तक जा गिरे। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
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यह घटना मुगलपुरा थाना क्षेत्र के लालबाग इलाके में हुई। यहां रहने वाले मोहम्मद इमरान के घर की छत पर एलपीजी सिलेंडर रखा हुआ था। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले घर में मेहमान आए थे, इसलिए छत पर खाना बनाया गया था और इस्तेमाल के बाद सिलेंडर वहीं छोड़ दिया गया। शनिवार सुबह तापमान तेजी से बढ़ा और दोपहर होते-होते भीषण गर्मी पड़ने लगी। इसी बीच अचानक सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज करीब 500 मीटर दूर तक सुनाई दी।
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दमकल विभाग की शुरुआती जांच में सामने आया है कि सिलेंडर सीधे धूप में रखा था। इसके साथ ही उसके पास एयर कंडीशनर की आउटडोर यूनिट भी लगी हुई थी, जिससे लगातार गर्म हवा निकल रही थी। विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार गर्मी मिलने से सिलेंडर के अंदर गैस का दबाव तेजी से बढ़ गया और आखिरकार वह फट गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि हीट ओवरलोड की वजह से यह विस्फोट हुआ। उनका कहना है कि अत्यधिक तापमान में सिलेंडर को खुली धूप में रखना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
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धमाका इतना शक्तिशाली था कि पड़ोस में रहने वाले दीपक दिवाकर के घर की छत पर रखी पानी की टंकी पूरी तरह टूट गई। वहीं आसपास रहने वाले कई लोगों के मकानों में दरारें आ गईं। स्थानीय लोगों के मुताबिक उन्होंने पहले कभी इतनी तेज आवाज नहीं सुनी थी। धमाके के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में अत्यधिक तापमान की वजह से एलपीजी सिलेंडर के भीतर गैस का दबाव बढ़ सकता है। यदि सिलेंडर खराब स्थिति में हो, धूप में रखा हो या उसके आसपास गर्मी पैदा करने वाले उपकरण मौजूद हों, तो हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। हालांकि सामान्य परिस्थितियों में घरेलू गैस सिलेंडर काफी सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन लापरवाही बड़े हादसे की वजह बन सकती है।
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अक्सर लोग जगह बचाने के लिए सिलेंडर को किचन स्लैब के अंदर बंद कर देते हैं या उसके आसपास सामान भर देते हैं। कई बार छत या बालकनी में भी सिलेंडर रख दिया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत बेहद खतरनाक हो सकती है।
गैस सिलेंडर इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां-
* सिलेंडर को कभी भी सीधी धूप में न रखें
-खुले स्थान पर तेज धूप में रखा सिलेंडर तेजी से गर्म हो सकता है।
* एसी आउटडोर यूनिट या हीटर के पास न रखें
-ऐसे उपकरण लगातार गर्मी छोड़ते हैं, जिससे सिलेंडर का तापमान बढ़ सकता है।
* किचन में हवादार जगह पर रखें सिलेंडर
-सिलेंडर हमेशा ऐसी जगह रखें जहां हवा का प्रवाह बना रहे।
* रेगुलेटर और पाइप की नियमित जांच करें
-पुराना या लीकेज वाला पाइप हादसे का बड़ा कारण बन सकता है।
*गैस की गंध आए तो तुरंत सावधान हो जाएं
-अगर गैस की बदबू महसूस हो तो बिजली के स्विच आॅन न करें और तुरंत रेगुलेटर बंद कर दें।
*गर्मी के मौसम में बरतें अतिरिक्त सावधानी
इस समय उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। ऐसे में गैस सिलेंडर, बिजली उपकरण और ज्वलनशील वस्तुओं को लेकर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में घर के भीतर और बाहर सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
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