UP News: कर्मचारी संगठन चुनाव को नजदीक देखकर सरकार पर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने का यह सही समय मान रहे हैं।

UP News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर Gen-Z प्रोटेस्ट की सफलता के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठन सक्रिय हो गए हैं। लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में बैठकें चल रही हैं। संगठन चुनाव को नजदीक देखकर सरकार पर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने का यह सही समय मान रहे हैं। कई संगठनों ने संयुक्त मंच बनाने की शुरुआत कर दी है।
अटेवा (ATeva) ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) की मांग को लेकर 21 अगस्त को प्रदेशव्यापी तिरंगा यात्रा और 25 सितंबर को लखनऊ में बड़ी रैली का ऐलान किया है। अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने इसे “करो या मरो” की लड़ाई बताया।
उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने 10 सूत्रीय मांगों (सेवा नियमावली, दैनिक वेतन भोगियों का विनियमन, वेतन विसंगति, पुरानी पेंशन, कैशलेस इलाज आदि) पर आंदोलन तेज करने का फैसला किया। 10 अगस्त तक जिलों में बैठकें होंगी।
उत्तर प्रदेश मिनिस्टिरियल कलेक्टोरेट कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार त्रिपाठी ने कहा कि कर्मचारियों ने तय कर लिया है कि अब मागों को मनवाने के लिए वोट की चोट की जाएगी। कर्मचारी अब “वोट की चोट” करेंगे। कर्मचारी संगठनों के अस्तित्व को समाप्त करने की कोशिशों को नाकाम करेंगे।
उत्तर राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष अफीक सिद्दीकी ने बताया कि 22-23 अगस्त को लखनऊ में बड़ा अधिवेशन होगा। इसके बाद 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में देशव्यापी प्रदर्शन होगा।
इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्रा ने युवाओं की नाराजगी, रोजगार संकट, नाकाफी वेतन और महंगाई का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि सरकार इस नाराजगी को नजरअंदाज कर नुकसान उठाएगी।
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