UP News; ग्रामीणों और प्रशासन की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बढ़ते जलस्तर के बीच यह बाढ़ सुरक्षा कार्य गांव को कटान और बाढ़ के खतरे से कितनी प्रभावी ढंग से बचा पाता है या नहीं।

UP News; उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बीच बाराबंकी जिले की तहसील रामनगर क्षेत्र के तपेशिपाह के कोरिन पुरवा के पास घाघरा नदी का जल स्तर बढ़ता ही जा रहा है। 1.5 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य मुश्किलों में घिर गया है। कटान रोकने के लिए जहां जियो बैग, एसी बैग और परकोपाइन लगाए गए हैं वहीं पानी पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि नदी का जलस्तर प्रति घंटे लगभग एक सेंटीमीटर की दर से बढ़ रहा है। ग्रामीणों और प्रशासन की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बढ़ते जलस्तर के बीच यह बाढ़ सुरक्षा कार्य गांव को कटान और बाढ़ के खतरे से कितनी प्रभावी ढंग से बचा पाता है या नहीं।
बाढ़ खंड विभाग की ओर से चौघड़िया के पास करीब 450 मीटर क्षेत्र में एसी बैग लगाए गए हैं। इसके अलावा हजारों जियो बैग और 460 परकोपाइन लगाकर नदी की धारा को नियंत्रित करने तथा गांव को कटान से बचाने के लिए लगाया गया है। यह पूरा काम अब पूर्ण हो चुका है और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच इसकी प्रभावशीलता पर सभी की नजर बनी हुई है।
ग्रामीण राजित राम, अवधेश कुमार सहित अन्य लोगों का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ राहत एवं कटानरोधी कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद घाघरा नदी का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाता। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ते ही गांव के लोगों में दहशत का माहौल बन जाता है और कटान की आशंका फिर से बढ़ जाती है।
बाढ़ खंड अधिकारी शशिकांत सिंह ने बताया कि करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से यह बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरा कराया गया है। विभाग लगातार नदी के जलस्तर और सुरक्षा कार्यों की निगरानी कर रहा है। आवश्यकता पड़ने पर स्थिति के अनुसार आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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