क्या लहड़रा गांव में धान और गन्ने की खड़ी फसल पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है ? खेतों और खलिहानों तक आखिर कैसे पहुंचा बाढ़ का पानी और संपर्क मार्ग पर पानी बहने से ग्रामीणों की मुश्किलें कितनी बढ़ गई हैं ?

UP News : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में घाघरा-सरयू नदी के बढ़े जलस्तर ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रामनगर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत लहड़रा में बाढ़ का पानी खेतों और खलिहानों तक पहुंच गया है। धान और गन्ने की खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं, जबकि कई जगह संपर्क मार्गों पर भी पानी बह रहा है। खेतों में जलभराव और फसलों की बर्बादी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश और तेज हवाओं के बीच आई बाढ़ से हालात और खराब हो गए हैं। खेतों में पानी भरने के कारण गन्ने की फसल गिर गई है, वहीं धान की फसल पूरी तरह जलमग्न दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खेती पर निर्भर परिवारों के सामने फसल बर्बाद होने के बाद आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई किसान पहले से कर्ज के दबाव में हैं और अब उन्हें नुकसान की भरपाई की चिंता सता रही है। UP News
रामनगर तहसील क्षेत्र के लहड़रा गांव में बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी खेतों की ओर पहुंच गया है। कई खेतों में इतना जलभराव हो गया है कि धान और गन्ने की फसल पानी के नीचे चली गई है। ग्रामीणों के मुताबिक डामर संपर्क मार्ग के बीच से भी पानी बहता हुआ खेतों की तरफ जाता दिखाई दे रहा है। इससे गांव में आवागमन भी प्रभावित हुआ है। UP News
बाढ़ के पानी ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी गन्ने की फसल पानी भरने के कारण गिर गई है, जबकि धान की फसल भी लंबे समय से जलभराव की स्थिति में है। किसानों का कहना है कि अगर पानी जल्द नहीं निकला तो फसल को और नुकसान हो सकता है। खेती पर निर्भर परिवारों के लिए यह नुकसान सीधे उनकी आय पर असर डाल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक कई किसान पहले से ही आर्थिक दबाव और कर्ज की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में तैयार फसल के बर्बाद होने से उनके सामने परिवार का खर्च चलाने और कर्ज चुकाने की चुनौती खड़ी हो सकती है। UP News
लहड़रा गांव में बाढ़ के पानी से केवल खेत ही प्रभावित नहीं हुए हैं, बल्कि ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी भी मुश्किल हो गई है। संपर्क मार्ग पर पानी बहने से पैदल आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। स्कूली बच्चों और महिलाओं को भी रास्ते में जलभराव के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के लिए पशुओं को चराने ले जाना और उनके लिए चारे की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया है। ग्रामीण महिला सुंदरी ने बताया कि गांव में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जलभराव की वजह से शौचालय तक जाने में भी दिक्कत हो रही है। उनके मुताबिक खेतों में पानी भर जाने से फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं और ग्रामीणों के सामने रोजमर्रा की कई समस्याएं खड़ी हो गई हैं। UP News
ग्रामीण वासुदेव यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत में बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। धान और गन्ने समेत प्रमुख फसलें पानी में डूबी हुई हैं। पशुओं के लिए चारा जुटाने और उन्हें चराने ले जाने में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक गांव में किसी तरह की बाढ़ राहत सामग्री नहीं पहुंची है। इससे प्रभावित परिवारों की चिंता और बढ़ गई है। फसल बर्बाद होने के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। किसानों की मांग है कि बाढ़ प्रभावित खेतों का जल्द सर्वे कराया जाए और नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। UP News
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