बाराबंकी में घाघरा नदी पर छह लेन केबल ब्रिज की तैयारियां तेज हो गई हैं। 1200 मीटर लंबे अस्थायी लोहे के पुल का निर्माण फिर शुरू हुआ। परियोजना की लागत 600 करोड़ से अधिक है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में घाघरा नदी पर प्रस्तावित छह लेन केबल ब्रिज के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं। रामनगर तहसील क्षेत्र में स्थायी पुल के निर्माण से पहले करीब 1200 मीटर लंबे दो लेन के अस्थायी लोहे के पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। इसी अस्थायी पुल के जरिए आगे स्थायी केबल ब्रिज के निर्माण कार्य को गति देने की योजना है। घाघरा नदी में हाल में आई बाढ़ के कारण अस्थायी पुल का निर्माण प्रभावित हुआ था और काम रोकना पड़ा था। अब नदी का जलस्तर कम होने के बाद निर्माण एजेंसी ने सोमवार से दोबारा काम शुरू कर दिया है। संजय सेतु के पास निर्माण स्थल पर बड़ी मशीनों से पाइलिंग का काम कराया जा रहा है। बड़ी संख्या में कर्मचारी भी निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं।
निर्माण स्थल पर अस्थायी पुल के लिए पाइलिंग और अन्य प्रारंभिक कार्य किए जा रहे हैं। बड़ी मशीनों की मदद से नदी के बीच प्रस्तावित संरचना के लिए आधार तैयार किया जा रहा है। निर्माण कार्य प्रोजेक्ट मैनेजर विनायक की निगरानी में चल रहा है। मैकेनिकल इंचार्ज बब्बन सिंह के मुताबिक, बाढ़ के कारण काम प्रभावित हुआ था, लेकिन जलस्तर घटने के बाद निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया गया है और इसे तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। स्थायी छह लेन केबल ब्रिज के निर्माण से पहले नदी के बीच करीब 1200 मीटर लंबा दो लेन का अस्थायी पुल बनाया जा रहा है। इसका निर्माण लोहे की संरचना से किया जाएगा। निर्माण एजेंसी की योजना है कि अस्थायी पुल तैयार होने के बाद इसके जरिए निर्माण सामग्री और मशीनों की आवाजाही आसान होगी। इससे नदी के बीच स्थायी पुल के निर्माण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में सुविधा मिलेगी।
अस्थायी पुल के निर्माण के बाद इसी क्षेत्र में प्रस्तावित दो छह लेन केबल ब्रिज के मुख्य निर्माण कार्य को गति दी जाएगी। परियोजना के तहत पुल का स्पैन करीब 140 मीटर बताया गया है। प्रस्तावित दोनों पुलों में कुल 16 बड़े पिलर बनाए जाने की योजना है। केबल की ऊंचाई करीब 35 मीटर रखे जाने की जानकारी दी गई है। आधुनिक तकनीक से तैयार होने वाले इन पुलों के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। घाघरा नदी पर प्रस्तावित केबल ब्रिज को बाराबंकी से बहराइच तक बनने वाले करीब 102 किलोमीटर लंबे छह लेन हाईवे का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। परियोजना की अनुमानित लागत 600 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। निर्माण कार्य को निर्धारित योजना के तहत करीब तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं निर्माण एजेंसी इसे लगभग दो वर्ष में पूरा करने के प्रयास में जुटी है।
घाघरा नदी में आई बाढ़ के कारण निर्माण स्थल पर काम प्रभावित हुआ था। नदी का जलस्तर बढ़ने से मशीनों और कर्मचारियों के लिए काम करना मुश्किल हो गया था। जलस्तर कम होने के बाद अब निर्माण एजेंसी ने दोबारा काम शुरू कर दिया है। फिलहाल अस्थायी लोहे के पुल के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद स्थायी छह लेन केबल ब्रिज के निर्माण से जुड़े कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।
छह लेन हाईवे परियोजना के तहत बनने वाला यह केबल ब्रिज बाराबंकी और बहराइच के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घाघरा नदी पर नया पुल तैयार होने के बाद इस रूट पर वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल नदी में अस्थायी पुल का निर्माण तेज होने से परियोजना की आधारभूत तैयारियां आगे बढ़ गई हैं। अब निर्माण एजेंसी की प्राथमिकता अस्थायी पुल को निर्धारित समय में तैयार करना है, ताकि इसके बाद स्थायी छह लेन केबल ब्रिज का निर्माण तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। UP News :
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