क्या बाराबंकी में घाघरा नदी का बढ़ता जलस्तर अब बड़े खतरे का संकेत दे रहा है ? आखिर नदी का पानी खतरे के लाल निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर कैसे पहुंच गया और तराई क्षेत्र के गांवों पर इसका कितना असर पड़ रहा है ?

UP News : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तराई क्षेत्र में बाढ़ और कटान का खतरा गहरा गया है। रामनगर तहसील के घाघरा घाट स्थित एल्गिन ब्रिज-संजय सेतु के पास मंगलवार को नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से नदी किनारे बसे गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी पवन कुमार के अनुसार, मंगलवार सुबह आठ बजे घाघरा नदी का जलस्तर 106.770 मीटर दर्ज किया गया था। दोपहर करीब 12 बजे यह बढ़कर 106.780 मीटर पहुंच गया। इस तरह नदी के जलस्तर में करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की जा रही है। UP News
जलस्तर बढ़ने के साथ ही घाघरा नदी का पानी तराई क्षेत्र के निचले इलाकों की ओर पहुंचने लगा है। खेतों, रास्तों, पुलियों और तालाबों के जरिए पानी ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ बढ़ रहा है। इससे रामनगर तहसील की कई ग्राम पंचायतों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भी नदी के हालात पर नजर रखी जा रही है। UP News
घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर का सबसे अधिक असर हेतमापुर गांव में बताया जा रहा है। यहां बाढ़ के साथ नदी के कटान का खतरा भी गंभीर बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, तेज धारा की चपेट में आने से गांव के मंदिर और मस्जिद भी प्रभावित होकर नदी में समा चुके हैं। नदी की तेज होती धारा से आसपास के क्षेत्रों में कटान का खतरा लगातार बना हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से हेतमापुर सहित प्रभावित इलाकों में बाढ़ राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। UP News
स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि नेपाल की ओर से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हालांकि नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि पर केंद्रीय जल आयोग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी नियमित अंतराल पर जलस्तर के आंकड़े दर्ज कर रहे हैं, जिससे संभावित स्थिति पर नजर रखी जा सके। UP News
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