Ghaziabad City Forest: गाजियाबाद को साफ—सुथरा बनाने और लोगों को परिवार सहित घूमने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। लेकिन, वहीं लोग या यूं कह लें गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के प्यादे अच्छे प्रयास पर दाग लगाते हुए उसे विफल करने का प्रयास कर रहे हैं। एक कहावत है तू डाल—डाल तो हम पात—पात। यानि लाख प्रयास के बावजूद अवैध कमाई का धंधा निकाल ही लिया जाता है।
Ghaziabad City Forest
मामला गाजियाबाद के सिटी फारेस्ट का है। यहां पर आने वालों को अपनी गाड़ी पार्क करने में दिक्कत न आए। इसके लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने लाखों रुपये खर्च कर जिस सिटी फारेस्ट पार्क का निर्माण किया है वहां पर लोगों की सुविधा के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था की है। लेकिन, पार्किंंग वालों ने वहां पर लूट खसोट शुरू कर दी है। विरोध करने पर उनसे वे मारपीट तक पर उतारू हो जा रहे हैं।
बता दें, सिटी फारेस्ट की पार्किंग संचालन के नाम पर जीडीए के उद्यान विभाग के स्टाफ द्वारा लूट खसोट मचायी गई है। जीडीए अफसरों को यह जानने तक की फुरसत नहीं कि पार्किंग पर्ची पर क्या शुल्क लिखा गया है। पर्ची पर क्या राशि अंकित है और राशि को गोलमोल करते हुए वाहन चालकों से कितने पैसे वसूल किए जा रहे है।
बताया जाता है, दो पहिया वाहन पार्किग स्थल पर खड़े करने की एवज में 50 रूपए तक वसूल किए जा रहे है। बताते है कि जिस स्टाफ की डयूटी पार्किंग स्थल पर लगायी गई है, उसके द्वारा वसूली की एवज में प्राप्त होने वाली रकम वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचायी जाती है। इसलिए दूर तक देखने वाला कोई नहीं है।