महिला ट्रेनर के बिना नहीं चलेगा जिम, सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दरअसल, वाराणसी से सटे एक जिले में हाल ही में जिम की आड़ में लड़कियों के कथित धर्मांतरण से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया था।

वाराणसी सर्किट हाउस में सीएम योगी की बैठक
वाराणसी सर्किट हाउस में सीएम योगी की बैठक
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Mar 2026 01:24 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। वाराणसी के सर्किट हाउस सभागार में अफसरों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान सीएम योगी ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिमों की जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि महिलाओं को ट्रेनिंग देने के लिए महिला ट्रेनर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से मौजूद हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दरअसल, वाराणसी से सटे एक जिले में हाल ही में जिम की आड़ में लड़कियों के कथित धर्मांतरण से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया था। जांच में कई जिमों पर सवाल उठे थे और इस केस में एक सिपाही समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इसी घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने जिमों की कार्यप्रणाली, ट्रेनरों की पहचान/वेरिफिकेशन और निगरानी व्यवस्था को लेकर राज्यभर में सख्ती के संकेत दिए हैं।

धार्मिक स्थल परिसर में ही हों धार्मिक आयोजन

कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट कहा कि कोई भी धार्मिक क्रियाकलाप धार्मिक स्थल के परिसर में ही किया जाए। किसी भी नई परंपरा या भीड़-भाड़ वाली व्यवस्था की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, होली को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध और जहरीली शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगे—इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में सुबह क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक भी की। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारियों के साथ भाजपा का प्रदेश नेतृत्व भी मौजूद रहा। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की उपस्थिति रही।

सड़क सुरक्षा और अनुशासन पर भी निर्देश

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अवैध गतिविधियों में लिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़कों पर अतिक्रमण कर वाहन पार्किंग न होने पाए। सड़क सुरक्षा को लेकर नियमित बैठकें हों और जागरूकता कार्यक्रम बढ़ाए जाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तेज आवाज वाले साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित हो।

अमृत-2 के कार्यों और पेयजल व्यवस्था की सघन मॉनीटरिंग

वाराणसी शहर में सीवेज और जलापूर्ति से जुड़ी योजनाओं पर मुख्यमंत्री ने विशेष फोकस किया। उन्होंने अमृत-2 योजना के तहत चल रहे कार्यों को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने और सघन मॉनीटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की कोई स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने सफाई व्यवस्था में मशीनों का अधिक इस्तेमाल, अंडरग्राउंड केबलिंग को मानकों के अनुरूप कराने और लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के संकेत भी दिए।

बैठक में ये जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक में स्टाम्प राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जाएसवाल, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. सुनील पटेल, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, डीआईजी वैभव कृष्णा, सीडीओ प्रखर सिंह और डीएफओ स्वाति समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। UP News

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खामेनेई की मौत पर बनारस में 7 दिन का मातम, बंद रहेगी दुकानें

उनके मुताबिक, खामेनेई शिया समाज के लिए वैश्विक स्तर पर रहनुमा थे और समुदाय उनके निधन को अपूरणीय क्षति मान रहा है। मातम के दौरान लोग काले कपड़े पहनकर मजलिसों में शामिल होंगे और खिराज-ए-अकीदत पेश करेंगे।

बनारस में शोक का माहौल
बनारस में शोक का माहौल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Mar 2026 11:48 AM
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UP News : मध्य पूर्व के प्रभावशाली देशों में शामिल ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शिया समुदाय में शोक की लहर है। इमामबाड़ों और मस्जिदों में विशेष दुआएं हो रही हैं। इमाम-ए-जुमा मौलाना जफर हुसैनी ने सात दिन का शोक घोषित करते हुए कहा कि इस अवधि में खुशी के आयोजन स्थगित रहेंगे और लोग दुकानें-कारोबार बंद रखकर मातम मनाएंगे। उनके मुताबिक, खामेनेई शिया समाज के लिए वैश्विक स्तर पर रहनुमा थे और समुदाय उनके निधन को अपूरणीय क्षति मान रहा है। मातम के दौरान लोग काले कपड़े पहनकर मजलिसों में शामिल होंगे और खिराज-ए-अकीदत पेश करेंगे।

32 अंजुमनों का सामूहिक मातम आज

उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में अंजुमनों ने मजलिसों और मातमी जुलूसों का पूरा खाका तैयार कर लिया है। शहर की 32 अंजुमनें सोमवार को लाट सरैया स्थित इमामबाड़ा में जुटकर सामूहिक मातम करेंगी। आयोजन को लेकर रविवार देर रात तक प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बातचीत चलती रही। उधर, रविवार सुबह सहरी के बाद से ही दोषीपुरा, कालीमहल और दालमंडी जैसे शिया बहुल इलाकों में खामेनेई को लेकर चर्चा तेज हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इंसाफ, इंसानियत और मजलूमों की आवाज़ को हमेशा बुलंद किया और उनकी सीख आने वाली पीढ़ियों के लिए भी राह दिखाएगी। हालात को देखते हुए वाराणसी में पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट रहा प्रशासन ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ाई और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी लगाई, ताकि अफवाह या तनाव की कोई गुंजाइश न रहे।

प्रमुख शख्सियतों ने दी श्रद्धांजलि

पितरकुंडा स्थित वक्फ मस्जिद और कब्रिस्तान खास मौलाना मीर इमाम अली में इफ्तार के बाद मजलिस का आयोजन हुआ। नमाज के बाद समुदाय के लोगों ने खामेनेई को खिराज-ए-अकीदत पेश की। विभिन्न अंजुमनों और धार्मिक विद्वानों की मौजूदगी में तकरीरें भी की गईं। मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने भी दुख जताते हुए कहा कि इसे केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दुनिया के लिए चेतावनी हैं कि हिंसा और जुल्म से मसलों का हल नहीं निकलता।

1 से 5 मार्च के बीच वाराणसी-शारजाह यात्रा प्रभावित

ईरान-इजरायल तनाव का असर उत्तर प्रदेश की हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। बाबतपुर एयरपोर्ट से शारजाह के लिए संचालित उड़ानों में व्यवधान के चलते 1 मार्च से 5 मार्च के बीच 1785 यात्रियों की यात्रा प्रभावित होने की बात सामने आई है। यात्रियों ने एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों में टिकट बुक कराए थे। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार यात्रियों को मोबाइल संदेश के जरिए उड़ान निरस्तीकरण की जानकारी दी गई। बाबतपुर से शाम और रात में शारजाह के लिए आमतौर पर दो उड़ानें रहती हैं, लेकिन हालात बिगड़ने पर दोनों उड़ानों को रद्द करना पड़ा। UP News

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मध्य-पूर्व की उथल-पुथल से उत्तर प्रदेश में बढ़ी चिंता, अलर्ट मोड में योगी सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि जिन जगहों पर ये श्रमिक काम कर रहे हैं, वहां सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है और कई स्थानों पर बंकर/सेफ शेल्टर जैसी व्यवस्थाएं भी मौजूद हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Mar 2026 11:10 AM
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UP News : मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव ने उत्तर प्रदेश के हजारों घरों की धड़कनें तेज कर दी हैं। इजराइल में काम कर रहे प्रदेश के 6,000 से अधिक श्रमिकों को लेकर परिजन हर पल अपडेट तलाश रहे हैं। हालांकि योगी सरकार का कहना है कि वहां मौजूद उत्तर प्रदेश के सभी श्रमिक फिलहाल सुरक्षित हैं और उनकी कुशलक्षेम पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक कर प्रशासन को अलर्ट मोड में रखा है, ताकि जरूरत पड़ते ही त्वरित मदद सुनिश्चित की जा सके।

परिजनों को मिलेगा सीधा सरकारी अपडेट

उत्तर प्रदेश सरकार ने परिजनों की चिंता को देखते हुए 24x7 हेल्पलाइन सक्रिय की है, ताकि जरूरत पड़ने पर परिवार सीधे संपर्क कर सकें और उन्हें आधिकारिक जानकारी मिल सके। प्रशासन का कहना है कि तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय बढ़ाया गया है और वहां मौजूद श्रमिकों से जुड़ा डेटा लगातार अपडेट किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, स्थानीय प्रशासन तथा भारतीय दूतावास की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। साथ ही हर जिले के प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जिन परिवारों के सदस्य इजराइल में हैं, उनसे नियमित संपर्क बनाए रखें और अफवाहों से बचाएं। सरकारी जानकारी के मुताबिक इजराइल में काम कर रहे ये श्रमिक वर्ष 2024 में भारत सरकार के सहयोग से चयनित होकर वहां पहुंचे थे। चयन प्रक्रिया NSDC और इजराइल की PIBA के माध्यम से हुई थी। निर्माण क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की मांग के अनुसार इन्हें अलग-अलग परियोजनाओं में तैनात किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि जिन जगहों पर ये श्रमिक काम कर रहे हैं, वहां सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है और कई स्थानों पर बंकर/सेफ शेल्टर जैसी व्यवस्थाएं भी मौजूद हैं।

बदलते वैश्विक घटनाक्रम से बढ़ी संवेदनशीलता

इसी बीच अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है। अमेरिका-इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई और उसके बाद ईरान की प्रतिक्रिया जैसी खबरों ने तनाव की आशंका को और गहरा किया है। ऐसे में इजराइल और आसपास के देशों में मौजूद विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार के साथ-साथ राज्यों की सतर्कता भी बढ़ गई है।

उत्तर प्रदेश में भी चौकसी बढ़ी

मध्य-पूर्व के घटनाक्रम का असर उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी दिख रहा है। खुफिया एजेंसियों की संभावित संवेदनशीलता रिपोर्ट को देखते हुए होली और रमजान के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। डीजीपी स्तर से सभी जिलों को गश्त बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल मजबूत करने और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। कई शहरों में एहतियातन अलर्ट जारी है, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और किसी भी भड़काऊ गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश हैं। राज्य सरकार ने दोहराया है कि इजराइल में मौजूद यूपी के श्रमिक सुरक्षित हैं, घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि हालात बिगड़ते हैं तो केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री की ओर से संदेश साफ है प्रदेश का कोई भी नागरिक संकट में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार ने अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट/भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें। परिजन हेल्पलाइन, जिला प्रशासन और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें। किसी संदिग्ध संदेश, वीडियो या पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें। UP News

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