उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की बेटी मंजू नयाल ने अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में देश का नाम रोशन किया है। भारत की पहली महिला 3-स्टार इंटरनेशनल कुराश रेफरी बनने के बाद अब मंजू नयाल जापान में होने वाले एशियन गेम्स आइची-नागोया 2026 में इंटरनेशनल टेक्निकल ऑफिशियल के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

उत्तर प्रदेश की बेटी मंजू नयाल ने बढ़ाया देश का मान, करेगी बड़ा काम UP News : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की बेटी और गुरुकुल द स्कूल की स्पोर्ट्स एजुकेशन डिपार्टमेंट की कोऑर्डिनेटर एवं कुराश प्रशिक्षक मंजू नयाल ने खेल जगत में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। भारत की पहली महिला 3-स्टार इंटरनेशनल कुराश रेफरी बनने के बाद अब मंजू नयाल जापान में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स आइची-नागोया 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। वह कुराश स्पर्धा में इंटरनेशनल टेक्निकल ऑफिशियल (ITO) यानी रेफरी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगी। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार एशियन गेम्स की कुराश स्पर्धा में इंटरनेशनल टेक्निकल ऑफिशियल के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली वह पहली भारतीय महिला रेफरी होंगी। इससे गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश और पूरे भारत के खेल जगत में गौरव का माहौल है। आइची-नागोया एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक जापान में आयोजित किए जा रहे हैं। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार कुराश प्रतियोगिताएं 27 से 29 सितंबर के बीच प्रस्तावित हैं। UP News

मंजू नयाल एशियन गेम्स की कुराश स्पर्धा में इंटरनेशनल टेक्निकल ऑफिशियल के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए 21 सितंबर को भारत से जापान के लिए रवाना होंगी। 22 सितंबर को उनके जापान पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद वह एशियन गेम्स की आधिकारिक गतिविधियों में शामिल होंगी। बताया गया है कि वह 1 अक्टूबर को जापान से भारत के लिए रवाना होंगी और 2 अक्टूबर को वापस भारत पहुंचेंगी। जापान में होने वाले इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में रेफरी के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करना मंजू नयाल के लंबे खेल सफर की एक और बड़ी उपलब्धि है। UP News
मंजू नयाल ने इसी वर्ष अंतरराष्ट्रीय कुराश रेफरी परीक्षा में सफलता हासिल कर इतिहास रचा था। उज्बेकिस्तान में 19 से 21 अप्रैल 2026 तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय रेफरी परीक्षा में दुनिया के विभिन्न देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद वह भारत की पहली महिला 3-स्टार इंटरनेशनल कुराश रेफरी बनीं। गुरुकुल द स्कूल ने भी सोशल मीडिया पर मंजू नयाल की इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए उन्हें बधाई दी और कहा कि उनकी उपलब्धि समर्पण, उत्कृष्टता और लगातार बेहतर करने की प्रतिबद्धता का परिणाम है। UP News
मंजू नयाल का खेल सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। वह लंबे समय से खेल शिक्षा और कुराश प्रशिक्षण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह पिछले करीब 17 वर्षों से बच्चों को कुराश का प्रशिक्षण दे रही हैं। खेल के मैदान से लेकर अंतरराष्ट्रीय रेफरिंग तक उन्होंने लगातार अपनी योग्यता और अनुभव को आगे बढ़ाया। वर्ष 2015 में उन्होंने चीनी ताइपे में आयोजित जूनियर एशियन कुराश चैंपियनशिप में भारतीय टीम की कोच के रूप में प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद उनका सफर अंतरराष्ट्रीय रेफरिंग की ओर बढ़ा और उन्होंने विभिन्न देशों में आयोजित प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में रेफरी की भूमिका निभाई। UP News
मंजू नयाल की उपलब्धियों की सूची काफी लंबी है। वह कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
मीडिया रिपोर्टों में भी उनके कजाकिस्तान के नोमैड गेम्स, रूस के चिल्ड्रन ऑफ एशिया गेम्स और बहरीन के एशियन यूथ गेम्स में रेफरी के रूप में प्रतिनिधित्व करने की जानकारी सामने आई है। UP News
अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय मंजू नयाल ने द इंडिया कुराश एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं एशियन गेम्स के टेक्निकल डायरेक्टर रवि कपूर तथा संस्था के सचिव विक्रांत कुमार को दिया है।
मंजू नयाल का कहना है कि रवि कपूर और विक्रांत कुमार ने उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया और हर स्तर पर सहयोग दिया। उन्होंने गुरुकुल द स्कूल के निदेशक सचिन वत्स और प्रधानाचार्य गौरव बेदी के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार स्कूल प्रबंधन ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। मंजू नयाल की 3-स्टार उपलब्धि की घोषणा के समय भी उन्होंने रवि कपूर, विक्रांत कुमार, सचिन वत्स और गौरव बेदी के सहयोग और मार्गदर्शन के प्रति आभार जताया था। UP News
मंजू नयाल की इस उपलब्धि से गुरुकुल द स्कूल भी गौरवान्वित है। स्कूल के निदेशक सचिन वत्स और प्रिंसिपल गौरव बेदी ने कहा कि जब मंजू नयाल जापान में इंटरनेशनल टेक्निकल ऑफिशियल के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी तो यह केवल स्कूल के लिए ही नहीं बल्कि गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए गौरव का क्षण होगा। उन्होंने कहा कि मंजू नयाल की उपलब्धि देश की बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी। UP News
मंजू नयाल की कहानी इसलिए भी प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ खेल के क्षेत्र में लगातार अपनी पहचान बनाई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनकी दो बेटियां हैं और उनकी बड़ी बेटी दीवा भी कुराश खेलती हैं तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं। मंजू नयाल ने स्कूली समय में मार्शल आर्ट से खेल की शुरुआत की थी। बाद में कॉलेज के दौरान उन्होंने कुराश को चुना। धीरे-धीरे खिलाड़ी और प्रशिक्षक से आगे बढ़ते हुए उन्होंने रेफरिंग के क्षेत्र में कदम रखा और आज वह भारत की पहली महिला 3-स्टार इंटरनेशनल कुराश रेफरी बन चुकी हैं। UP News
मंजू नयाल की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है। यह इस बात का उदाहरण भी है कि उत्तर प्रदेश की बेटियां खेल के मैदान में खिलाड़ी बनकर ही नहीं बल्कि कोच, तकनीकी अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय रेफरी के रूप में भी देश का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं। आइची-नागोया 2026 एशियन गेम्स में 45 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी एवं अधिकारी शामिल होंगे तथा आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चलेगा। ऐसे विशाल अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की ओर से कुराश की तकनीकी जिम्मेदारी संभालना मंजू नयाल के लिए निश्चित रूप से एक बड़ी जिम्मेदारी और उपलब्धि है। गाजियाबाद की इस बेटी का जापान जाना केवल एक रेफरी का विदेश दौरा नहीं, बल्कि उस संघर्ष और संकल्प की कहानी है जिसने भारत को कुराश के अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान दिलाई है। UP News
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