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गाजियाबाद में तीन अलग-अलग रूटों पर मेट्रो संचालन का प्रस्ताव रखा गया है। यह विस्तार न सिर्फ शहर के अंदर आवागमन को आसान बनाएगा बल्कि नोएडा, दिल्ली और मेरठ जैसे बड़े शहरों से कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा। माना जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में मेट्रो विस्तार की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है जिससे आने वाले समय में शहर की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो पहले से ही लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बनी हुई है और अब गाजियाबाद के लिए यह सुविधा और ज्यादा मजबूत होने जा रही है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शहर में तीन नए मेट्रो रूटों की प्राइमरी डीपीआर तैयार कर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) को सौंप दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 4800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इस नए प्लान के तहत गाजियाबाद में तीन अलग-अलग रूटों पर मेट्रो संचालन का प्रस्ताव रखा गया है। यह विस्तार न सिर्फ शहर के अंदर आवागमन को आसान बनाएगा बल्कि नोएडा, दिल्ली और मेरठ जैसे बड़े शहरों से कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा। माना जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी और ट्रैफिक का दबाव भी काफी हद तक कम होगा।
पहला रूट नोएडा सेक्टर-62 इलेक्ट्रॉनिक सिटी से साहिबाबाद नमो भारत स्टेशन तक प्रस्तावित किया गया है। यह लगभग 5.1 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा। इस रूट पर वसुंधरा, साहिबाबाद, डीपीएस इंदिरापुरम, शक्तिखंड और वैभव खंड जैसे मेट्रो स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इस लाइन के शुरू होने से नोएडा और गाजियाबाद के बीच सफर और आसान हो जाएगा साथ ही मेरठ जाने वाले यात्रियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा।
दूसरा प्रस्तावित रूट वैशाली से मोहननगर होते हुए दिल्ली के गोकुलपुरी तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 16 किलोमीटर होगी। इस कॉरिडोर के जरिए हिंडन एयरपोर्ट तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। इस मार्ग पर गोकुलपुरी, गगन विहार, पसौंडा, हिंडन एयरपोर्ट, मोहननगर, साहिबाबाद और वैशाली जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ा जाएगा।
तीसरे रूट के तहत गाजियाबाद रेलवे स्टेशन को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी चल रही है। इसके लिए डीएमआरसी ने विस्तृत डीपीआर जीडीए को सौंप दी है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर रेड लाइन मेट्रो को शहीद स्थल से आगे बढ़ाकर गाजियाबाद रेलवे स्टेशन तक ले जाया जाएगा। इससे यात्रियों को रेलवे और मेट्रो के बीच सीधा और आसान कनेक्शन मिल सकेगा।
इन तीनों रूटों के बन जाने के बाद गाजियाबाद का ट्रांसपोर्ट सिस्टम काफी मजबूत हो जाएगा। लोगों का सफर तेज, सुरक्षित और आरामदायक होगा। साथ ही शहर में जाम की समस्या भी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। यह परियोजना गाजियाबाद को एनसीआर के सबसे बेहतर कनेक्टेड शहरों में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
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