वैदिक संस्कृति, भारतीय संस्कारों और सामाजिक समरसता के संदेश को आगे बढ़ाने वाला गाजियाबाद का शम्भु दयाल दयानन्द वैदिक सन्यास आश्रम बुधवार को आध्यात्मिक और वैदिक वातावरण से सराबोर नजर आया। दयानन्द नगर स्थित आश्रम में 71वां स्थापना दिवस श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाया गया।

UP News : वैदिक संस्कृति, भारतीय संस्कारों और सामाजिक समरसता के संदेश को आगे बढ़ाने वाला गाजियाबाद का शम्भु दयाल दयानन्द वैदिक सन्यास आश्रम बुधवार को आध्यात्मिक और वैदिक वातावरण से सराबोर नजर आया। गाजियाबाद के दयानन्द नगर स्थित शम्भु दयाल दयानन्द वैदिक सन्यास आश्रम में 71वां स्थापना दिवस श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाया गया। समारोह में यज्ञ और वेदपाठ के साथ वैदिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला। आर्य समाज से जुड़े विद्वानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। वक्ताओं ने योग, शिक्षा, संस्कार और वैदिक जीवन पद्धति को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए समाज में सकारात्मक सोच, आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संदेश दिया। वहीं, भजनोपदेशक पंडित सतीश सुमन के भजनों ने समारोह के आध्यात्मिक माहौल को और भावपूर्ण बना दिया। UP News
स्थापना दिवस के अवसर पर आश्रम परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ की आहुति से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। आयोजन में सामाजिक समरसता को विशेष महत्व दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि वैदिक परंपरा केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य व्यक्ति और समाज के जीवन में संस्कार, अनुशासन, शिक्षा तथा मानवीय मूल्यों को मजबूत करना भी है। कार्यक्रम में योग और संस्कार आधारित जीवनशैली को लेकर भी विचार रखे गए। वक्ताओं ने नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और भारतीय वैदिक परंपराओं से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। UP News
समारोह में मुजफ्फरनगर से पहुंचे आर्य जगत के प्रसिद्ध भजनोपदेशक पंडित सतीश सुमन ने भजनों के माध्यम से ऋषियों की महिमा का गुणगान किया। उनके भजनों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को आध्यात्मिक भाव से जोड़ दिया। भजन प्रस्तुति के दौरान आश्रम परिसर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। पंडित सतीश सुमन ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से वैदिक विचारधारा, ऋषि परंपरा और भारतीय संस्कृति के महत्व को सामने रखा। उनके भजनों पर उपस्थित श्रोता भावविभोर नजर आए। UP News
स्थापना दिवस समारोह में सामाजिक समरसता को आयोजन का प्रमुख संदेश बनाया गया। वक्ताओं ने समाज में आपसी सहयोग, समानता, शिक्षा और संस्कारों को मजबूत करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि समाज की मजबूती के लिए व्यक्ति के चरित्र निर्माण के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों की समझ भी जरूरी है। समारोह में आर्य समाज की विचारधारा से जुड़े लोगों ने वैदिक जीवन पद्धति को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए इसे सामाजिक सुधार और नैतिक जीवन से जोड़कर देखने की बात कही। UP News
शम्भु दयाल दयानन्द वैदिक सन्यास आश्रम का स्थापना दिवस हर वर्ष वैदिक परंपराओं और सामाजिक संदेश के साथ मनाया जाता रहा है। इस बार 71वें स्थापना दिवस पर भी यज्ञ, वेदपाठ, भजन और सामाजिक समरसता को केंद्र में रखा गया। कार्यक्रम के माध्यम से आयोजकों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि आधुनिक जीवनशैली के बीच भी योग, शिक्षा, संस्कार और वैदिक मूल्यों को जीवन का हिस्सा बनाया जा सकता है। UP News
समारोह में विजय पाल कसाना की अध्यक्षता रही। कार्यक्रम में वीरपाल सिंह मलिक, दिनेश गोयल, अनुपम गोयल, चौधरी अजय, राहुल सिंघल, श्रीमती अनिल रंजीता, मानव अग्रवाल और राजीव गुप्त सहित कई लोग मौजूद रहे। स्थापना दिवस समारोह में बड़ी संख्या में आर्य समाज से जुड़े लोगों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। वैदिक परंपराओं के बीच संपन्न हुए आयोजन ने आश्रम की लंबे समय से चली आ रही धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी सामने रखा। UP News
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