गाजियाबाद में तीन बहनों की आत्महत्या ने देश को झकझोर दिया है। कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और ऑनलाइन गलत जानकारी के खतरों पर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार से एक व्यापक और पारदर्शी सोशल मीडिया पॉलिसी बनाने की मांग की है।

गाजियाबाद में हाल ही में तीन बहनों की आत्महत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया की बढ़ती ताकत और इसके गलत इस्तेमाल के खतरों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने राज्यसभा में इस मामले का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से एक व्यापक और पारदर्शी सोशल मीडिया पॉलिसी बनाने की मांग की है।
आज सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का साधन नहीं रहा बल्कि यह लोगों की राय और सोच बनाने का सबसे प्रभावशाली माध्यम बन गया है। राजीव शुक्ला ने संसद में कहा कि, सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति बिना जिम्मेदारी लिए किसी के खिलाफ गलत जानकारी या आरोप फैला सकता है। एक बार पोस्ट वायरल हो जाने के बाद झूठी जानकारी को वापस लेना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
गाजियाबाद में तीन लड़कियों की मौत के पीछे सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स को मुख्य कारण माना जा रहा है। जांच में पता चला कि ये लड़कियां कोरियन गेम्स और डिजिटल कंटेंट में बहुत अधिक समय बिताती थीं। इस घटना ने बच्चों के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, विदेशी कल्चरल कंटेंट और माता-पिता की कड़ी निगरानी की जरूरत को फिर से उजागर किया है।
भारत में ऑनलाइन कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए कई कानून बनाए गए हैं। इनमें 2021 के इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड शामिल हैं। ये नियम सोशल मीडिया कंपनियों को शिकायत निवारण, कंटेंट हटाने और लोकल नोडल अधिकारियों की नियुक्ति जैसी जिम्मेदारियां देते हैं। हालांकि, पूरे देश में सोशल मीडिया को गाइड करने वाली एक व्यापक पॉलिसी अभी तक नहीं बनी है।
कांग्रेस ने कहा है कि ऑनलाइन स्पेस में झूठ, गलत जानकारी और धमकियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए अब एक व्यापक सोशल मीडिया पॉलिसी की जरूरत है। इस पॉलिसी में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के साथ-साथ गलत जानकारी फैलाने वालों के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। राजीव शुक्ला ने संसद में जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया अब सिर्फ मनोरंजन का प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि लोगों की राय बनाने का सबसे प्रभावशाली जरिया बन चुका है।