उत्तर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफरा-तफरी, लखनऊ में आधा दर्जन पंप बंद, उमड़ी भीड़
प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल को लेकर अचानक घबराहट का माहौल बन गया है। गोरखपुर, प्रयागराज, लखनऊ, गोंडा, देवरिया और श्रावस्ती समेत कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल को लेकर अचानक घबराहट का माहौल बन गया है। गोरखपुर, प्रयागराज, लखनऊ, गोंडा, देवरिया और श्रावस्ती समेत कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हालांकि प्रशासन बार-बार यह स्पष्ट कर रहा है कि ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है, फिर भी लोग एहतियात के तौर पर अधिक मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आधा दर्जन पेट्रौल पंप बद हो गए हैं।
गोरखपुर में हालात बिगड़े, डीएम को खुद मैदान में उतरना पड़ा
गोरखपुर में स्थिति सबसे ज्यादा तनावपूर्ण नजर आई, जहां अफवाह फैलते ही पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जुट गई। जैसे ही यह खबर फैली कि ईंधन की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, लोग तुरंत पंपों की ओर दौड़ पड़े। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने सड़क पर उतरकर हालात का जायजा लिया और यह भरोसा दिलाया कि जिले में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है।
प्रयागराज, लखनऊ और देवरिया में भी दिखा पैनिक का असर
प्रयागराज और लखनऊ में भी देर रात से ही पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ने लगी। लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए लंबी लाइनों में खड़े नजर आए। देवरिया में भी सुबह होते ही पेट्रोल खत्म होने की चर्चा फैल गई, जिसके बाद पंपों पर अचानक भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन ने तत्काल सफाई दी कि यह सिर्फ अफवाह है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
गोंडा में पुलिस को करनी पड़ी सख्ती
गोंडा में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। कुछ पेट्रोल पंप बंद मिलने के बाद लोगों में भ्रम फैल गया और बाकी पंपों पर भारी भीड़ जुट गई। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया और लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की गई। प्रशासन ने साफ कहा कि ईंधन की कोई कमी नहीं है और घबराने की जरूरत नहीं है।
श्रावस्ती में ड्रम-जरीकेन पर रोक, काला बाजारी पर सख्ती
श्रावस्ती में भी अफवाहों के चलते लोग बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल खरीदने लगे। कई लोग ड्रम, जरीकेन और बोतलों में ईंधन भरवाने पहुंचे, जिससे हालात और बिगड़ गए। इस पर प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए ऐसे बर्तनों में पेट्रोल भरने पर रोक लगा दी। साथ ही पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए कि नियमों का सख्ती से पालन करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
अफवाहों से बढ़ी समस्या, प्रशासन लगातार कर रहा अपील
प्रशासन का कहना है कि ईंधन की सप्लाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं है और सभी जिलों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। बावजूद इसके, अफवाहों के कारण लोगों में घबराहट फैल रही है, जिससे अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी खबर पर विश्वास न करें और केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल भरवाएं।
स्थिति नियंत्रण में, लेकिन सतर्कता जरूरी
हालांकि प्रशासन की सक्रियता से कई जगह हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, लेकिन अभी भी कई जिलों में भीड़ देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अफवाहों पर समय रहते काबू नहीं पाया गया, तो ऐसी स्थिति दोबारा भी बन सकती है। इसलिए जरूरी है कि लोग संयम बरतें और प्रशासन के निदेर्शों का पालन करें।
UP News : उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल को लेकर अचानक घबराहट का माहौल बन गया है। गोरखपुर, प्रयागराज, लखनऊ, गोंडा, देवरिया और श्रावस्ती समेत कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हालांकि प्रशासन बार-बार यह स्पष्ट कर रहा है कि ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है, फिर भी लोग एहतियात के तौर पर अधिक मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आधा दर्जन पेट्रौल पंप बद हो गए हैं।
गोरखपुर में हालात बिगड़े, डीएम को खुद मैदान में उतरना पड़ा
गोरखपुर में स्थिति सबसे ज्यादा तनावपूर्ण नजर आई, जहां अफवाह फैलते ही पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जुट गई। जैसे ही यह खबर फैली कि ईंधन की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, लोग तुरंत पंपों की ओर दौड़ पड़े। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने सड़क पर उतरकर हालात का जायजा लिया और यह भरोसा दिलाया कि जिले में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है।
प्रयागराज, लखनऊ और देवरिया में भी दिखा पैनिक का असर
प्रयागराज और लखनऊ में भी देर रात से ही पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ने लगी। लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए लंबी लाइनों में खड़े नजर आए। देवरिया में भी सुबह होते ही पेट्रोल खत्म होने की चर्चा फैल गई, जिसके बाद पंपों पर अचानक भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन ने तत्काल सफाई दी कि यह सिर्फ अफवाह है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
गोंडा में पुलिस को करनी पड़ी सख्ती
गोंडा में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। कुछ पेट्रोल पंप बंद मिलने के बाद लोगों में भ्रम फैल गया और बाकी पंपों पर भारी भीड़ जुट गई। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया और लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की गई। प्रशासन ने साफ कहा कि ईंधन की कोई कमी नहीं है और घबराने की जरूरत नहीं है।
श्रावस्ती में ड्रम-जरीकेन पर रोक, काला बाजारी पर सख्ती
श्रावस्ती में भी अफवाहों के चलते लोग बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल खरीदने लगे। कई लोग ड्रम, जरीकेन और बोतलों में ईंधन भरवाने पहुंचे, जिससे हालात और बिगड़ गए। इस पर प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए ऐसे बर्तनों में पेट्रोल भरने पर रोक लगा दी। साथ ही पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए कि नियमों का सख्ती से पालन करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
अफवाहों से बढ़ी समस्या, प्रशासन लगातार कर रहा अपील
प्रशासन का कहना है कि ईंधन की सप्लाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं है और सभी जिलों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। बावजूद इसके, अफवाहों के कारण लोगों में घबराहट फैल रही है, जिससे अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी खबर पर विश्वास न करें और केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल भरवाएं।
स्थिति नियंत्रण में, लेकिन सतर्कता जरूरी
हालांकि प्रशासन की सक्रियता से कई जगह हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, लेकिन अभी भी कई जिलों में भीड़ देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अफवाहों पर समय रहते काबू नहीं पाया गया, तो ऐसी स्थिति दोबारा भी बन सकती है। इसलिए जरूरी है कि लोग संयम बरतें और प्रशासन के निदेर्शों का पालन करें।












