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प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी इन दिनों खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया दौरे के दौरान इस अनोखी घड़ी का अवलोकन किया और इसकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

UP News : उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी इन दिनों खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया दौरे के दौरान इस अनोखी घड़ी का अवलोकन किया और इसकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी ली। यह घड़ी केवल समय बताने का साधन नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन कालगणना परंपरा को आधुनिक रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास भी है। UP News
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का सफर मध्य प्रदेश के उज्जैन से शुरू हुआ, जहां इसे सबसे पहले महाकालेश्वर मंदिर में स्थापित किया गया था। इसके बाद इसे देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक ले जाने की पहल की गई। इसी क्रम में हाल ही में यह घड़ी काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में भी स्थापित की गई, जिससे इसे व्यापक पहचान मिल रही है। UP News
इस घड़ी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पारंपरिक घड़ियों की तरह केवल घंटे और मिनट नहीं बताती। यह भारत की प्राचीन वैदिक कालगणना प्रणाली पर आधारित है, जिसमें समय का निर्धारण सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक किया जाता है। इस प्रणाली में दिन की शुरुआत आधी रात से नहीं, बल्कि सूर्य के उदय से मानी जाती है, जो भारतीय परंपरा के अनुरूप है। UP News
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी केवल समय ही नहीं बताती, बल्कि यह पंचांग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी एक साथ उपलब्ध कराती है। इसमें तिथि, नक्षत्र, योग, ग्रहों की स्थिति और शुभ-अशुभ मुहूर्त जैसी जानकारियां भी प्रदर्शित होती हैं, जो धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इस घड़ी को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के विद्वानों द्वारा तैयार किया गया है। इसमें प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संयोजन किया गया है, ताकि आम लोगों को सरल तरीके से वैदिक समय प्रणाली समझाई जा सके। UP News
इस घड़ी को हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट किया गया था, जिसके बाद इसे काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घड़ी को नजदीक से देखा और इसकी कार्यप्रणाली को समझने में विशेष रुचि दिखाई, जिससे इसकी चर्चा और बढ़ गई। UP News
मुख्यमंत्री मोहन यादव का मानना है कि प्राचीन काल में उज्जैन वैश्विक समय निर्धारण का प्रमुख केंद्र रहा है। इसी आधार पर वे उज्जैन को फिर से प्राइम मेरिडियन के रूप में स्थापित करने के लिए शोध और प्रयासों पर जोर दे रहे हैं। उनका तर्क है कि वर्तमान में प्रचलित ग्रीनविच मीन टाइम पश्चिमी अवधारणा पर आधारित है, जबकि भारतीय प्रणाली सूर्य के प्राकृतिक चक्र के अधिक करीब मानी जाती है। UP News
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