गोंडा में उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की शाखा से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में दो नामजद आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। अयोध्या निवासी जय प्रताप सिंह और राज प्रताप सिंह को 18 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया। मामले की जांच जारी है। पढ़े पूरी खबर।

UP News:उत्तर प्रदेश के गोंडा में स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की शाखा में ऋण वितरण और बैंक खातों से धनराशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जय प्रताप सिंह और राज प्रताप सिंह के रूप में हुई है। दोनों अयोध्या के रहने वाले हैं। यह मामला बैंक में ऋण वितरण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, दस्तावेजों में हेराफेरी और विभिन्न खातों से धनराशि के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। UP News
पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोण्डा शाखा के सहायक महाप्रबंधक/मुख्य प्रबंधक भुवन चन्द्र सती की तहरीर पर कोतवाली नगर थाने में मुकदमा संख्या 45/2026 दर्ज किया गया था। शिकायत में ऋण वितरण में अनियमितता, कथित फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल, बैंक के आंतरिक खातों से अनधिकृत धनराशि निकालने तथा विभिन्न खाताधारकों के खातों से धनराशि के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मामले की स्पेशल ऑडिट की अंतरिम रिपोर्ट में कुल ₹2,147.78 लाख यानी लगभग ₹21.47 करोड़ की धनराशि के अनियमित हस्तांतरण और कथित दुर्विनियोग का प्रकरण सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दर्ज मुकदमे के आधार पर जांच और कार्रवाई आगे बढ़ाई। UP News
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी जय प्रताप सिंह पुत्र पवन कुमार पाल और राज प्रताप सिंह पुत्र पवन कुमार पाल हैं। दोनों कृष्णानगर कॉलोनी, परिक्रमा मार्ग, जनौरा, थाना कोतवाली नगर, जनपद अयोध्या के निवासी बताए गए हैं। दोनों के नाम इस मामले में नामजद हैं। कोतवाली नगर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया। मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। UP News
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सोनू कुमार, उपनिरीक्षक शुभांशु पाठक, कांस्टेबल रामनाथ सिंह और कांस्टेबल अमित तोमर शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी। UP News
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