गोंडा के कर्नलगंज में गिरवी रखे सोने के जेवर की पूरी रकम चुकाने के बाद भी आभूषण वापस नहीं करने का आरोप है। पांच दिन पहले पुलिस में शिकायत दी गई।

UP News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में गिरवी रखे सोने के जेवर की पूरी रकम चुकाने के बावजूद आभूषण वापस नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामले की शिकायत कर्नलगंज पुलिस से किए हुए पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच कराकर जेवर वापस दिलाने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मामले से संबंधित एक लिखित दस्तावेज भी सामने आया है। दस्तावेज के अनुसार, करीब 10 ग्राम 470 मिलीग्राम वजन के सोने के आभूषण गिरवी रखे जाने का उल्लेख है।दस्तावेज में अनिल कुमार तिवारी और यदुनाथ शुक्ला, निवासी कोंचा कासिमपुर, पोस्ट कर्नलगंज, गोंडा के बीच रुपये के लेन-देन से संबंधित समझौते का उल्लेख है। इसमें जेवर के बदले 25 हजार रुपये प्राप्त करने की बात दर्ज है। सामने आए दस्तावेज पर 12 मार्च 2024 की तारीख दर्ज है। दस्तावेज में गिरवी रखे गए आभूषण और रुपये के लेन-देन से संबंधित विवरण दिया गया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि गिरवी रखने के समय हुए समझौते के अनुसार रकम वापस करने के बाद जेवर वापस किया जाना था।
पीड़ित पक्ष के मुताबिक, गिरवी रखे गए जेवर के बदले ली गई पूरी रकम वापस कर दी गई है। आरोप है कि पूरी रकम चुकाने के बाद भी संबंधित व्यक्ति द्वारा गिरवी रखे गए सोने के आभूषण वापस नहीं किए जा रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि जेवर वापस नहीं मिलने के कारण परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और वह मामले में कार्रवाई की मांग कर रहा है। पीड़ित ने अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराकर जेवर वापस दिलाने और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पीड़ित के मुताबिक, इस मामले में करीब पांच दिन पहले कर्नलगंज पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि रकम पूरी तरह चुकाई जा चुकी है, इसलिए समझौते के अनुसार गिरवी रखे गए आभूषण वापस दिलाए जाएं। मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक रोहित रणबीर ने बताया कि मामले में जांच की जाएगी। उपनिरीक्षक के अनुसार, जांच के आधार पर मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। मामले की वास्तविक स्थिति शिकायत से जुड़े दस्तावेजों और दोनों पक्षों के बयानों की जांच के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट होगी। UP News:
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