UP News: आरोप है कि अस्पताल से यूपी पुलिस के सिपाही ने बच्ची को किडनैप किया था और उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया।

UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 10 साल की बच्ची की हत्या के आरोपी सिपाही डॉक्टरों और नर्सों ने जमकर पिटाई कर दी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह तब हुआ जब गुरुवार दोपहर ढाई बजे पुलिस आरोपी को मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल लेकर आई।
आरोप है कि इसी अस्पताल से सिपाही ने बच्ची को किडनैप किया था और उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया। 28 जुलाई को बच्ची अपनी बीमार बहन को खाना देने अस्पताल आई थी। घर लौटते समय सिपाही ने बाइक से उसका पीछा किया। फिर उसे बाइक पर बैठाकर 15 किमी दूर श्मशान घाट ले गया। पुलिस को शक है कि सिपाही ने वहां बच्ची से रेप भी किया।
सीसीटीवी में दिखा आरोपी
बच्ची जब घर नहीं पहुंची तो घरवालों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने जब CCTV फुटेज खंगाले, तो सिपाही बच्ची के साथ नजर आया। पुलिस ने उसे पकड़कर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। गुरुवार सुबह साढ़े 8 बजे आरोपी सिपाही की निशानदेही पर पुलिस ने बच्ची का शव बरामद किया।
बच्ची के पिता ने क्या बताया
मृतक बच्ची के पिता आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना इलाके के रहने वाले हैं और गोरखपुर में 4 साल से पत्नी और 5 बेटियों के साथ किराए पर रहते हैं। वह ई-रिक्शा चलाकर घर चलाते हैं। 27 जुलाई को 13 साल की बेटी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द और बहुत तेज बुखार हो गया। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पिता का कहना है कि 28 जुलाई को मैं काम पर गया था। पत्नी की भी तबीयत ठीक नहीं थी। इसलिए रात 8:30 बजे मेरी 10 साल बेटी अपनी बीमार बड़ी बहन के लिए खाना लेकर अस्पताल गई थी लेकिन वो घर पर नहीं लौटी।
आरोपी सिपाही अभिषेक यादव मूल रूप से गाजीपुर के शादियाबाद थाना क्षेत्र के हंसराजपुर चौरा गांव का रहने वाला है। वह शादीशुदा है और उसकी एक बेटी भी है। जनवरी 2025 में उसने बंगाल की एक महिला से छेड़छाड़ की थी। इस मामले में उसे सस्पेंड किया गया था। जेल भी भेजा गया था। सितंबर, 2025 में उसकी बहाली हुई थी।
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