गोरखपुर में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में यूपी-112 का सिपाही गिरफ्तार। CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से खुला सनसनीखेज मामला।

UP News : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में यूपी-112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की निशानदेही पर बच्ची का शव नदी से बरामद किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बच्ची अपनी बड़ी बहन को जिला अस्पताल में खाना देकर लौट रही थी, तभी आरोपी उसे बाइक पर बैठाकर ले गया। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। UP News
पुलिस के मुताबिक बच्ची का परिवार मूल रूप से आजमगढ़ का रहने वाला है और पिछले चार वर्षों से गोरखपुर में किराये के मकान में रह रहा है। 28 जुलाई की रात बच्ची अपनी बड़ी बहन के लिए जिला अस्पताल में खाना देकर घर लौट रही थी, लेकिन रास्ते से लापता हो गई। काफी तलाश के बाद परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच के दौरान अस्पताल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक पुलिसकर्मी बच्ची को बाइक पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।
UP News
बाइक नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान यूपी-112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने बच्ची की हत्या कर शव नदी में फेंकने की बात स्वीकार की। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चिऊटहा पुल के पास नदी से शव बरामद किया। घटना के बाद पुलिस ने फोरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए हैं और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच जारी है।
UP News
पुलिस जांच में सामने आया कि अभिषेक यादव मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला है। वह पहले भी दुष्कर्म के एक मामले में जेल जा चुका था और उस दौरान निलंबित भी हुआ था। बाद में उसकी पुनः तैनाती यूपी-112 में कर दी गई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
UP News
गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की तैयारी की जा रही है। विभागीय कार्रवाई शुरू कर उसकी बर्खास्तगी की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बाद की कार्रवाई के दौरान साक्ष्य बरामदगी के समय आरोपी के भागने की कोशिश करने पर पुलिस मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगने की भी जानकारी सामने आई है।
UP News
विज्ञापन