
Gorakhpur News: गोरखपुर के सत्यम हॉस्पिटल के रजिस्ट्रेशन कराने में सत्येंद्र की संलिप्तता पाए जाने पर गिरफ्तारी की गई है। पूछताछ में CMO कार्यालय के एक बाबू और एक आरटीआई कार्यकर्ता की भूमिका भी सन्देहास्पद है। पुलिस प्रशासन इनके खिलाफ भी साक्ष्य जुटा रहा है।
आपको बता दें कि गिरफ्तार हुआ सत्येंद्र गोरखपुर के शाहपुर क्षेत्र में रहता है। सत्येंद्र बिहार का मूल निवासी है। वह यूट्यूब के जरिए सोशल मीडिया पर खबर वायरल कर खुद को पत्रकार बताता है। ख़बर के मुताबिक, 3 जनवरी को गोरखपुर के गुलरिहा स्थित सत्यम हॉस्पिटल में गर्भपात (Abortion) के दौरान ही महिला की मृत्यु हो गई थी।
उक्त मामले में केस दर्ज कर पुलिस ने हॉस्पिटल संचालक सुभाष, कथित डॉक्टर रंजीत और नर्स गीता को तत्काल जेल भेजा। जिस डॉ. सुनील सरोज के नाम पर पंजीकरण है, उस पर 20,000 रुपये का इनाम भी है, लेकिन फिलहाल वह फरार है। इस बीच जांच में सत्येंद्र का नाम भी पुलिस के सामने आ गया। उसी की मदद से अस्पताल का पंजीकरण कराया गया था। यह तथ्य सामने आने के बाद पुलिस सभी साक्ष्य जुटाने में लगी थी। पुलिस ने साक्ष्य संकलन के बाद बृहस्पतिवार को आरोपी सत्येंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
SSP मानुष पारिक ने कहा कि सत्यम हॉस्पिटल संचालित करने के लिए कराए गए रजिस्ट्रेशन में कूटरचित तरीके से डॉ. सुनील कुमार सरोज के प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि सत्येंद्र शर्मा ने विरेंद्र राय के द्वारा 25000 रुपये संचालक से लेकर CMO कार्यालय में कार्यरत बाबू की सहायता से रजिस्ट्रेशन कराया।
फिलहाल सत्येंद्र शर्मा पर शाहपुर, गोरखनाथ, कैंट, गुलरिहा में कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। खुदकुशी के लिए उकसाने, धमकी, रंगदारी, मारपीट, बलवा, जालसाजी और मेडिकल एक्ट का आरोपी सत्येंद्र खुद को पत्रकार बताकर समाज व अधिकारियों में भी धौंस जमाता है। सत्यम हॉस्पिटल प्रकरण में आरोपी सत्येंद्र के साथ-साथ अन्य की भूमिका की जांच भी पुलिस कर रही है।