गोरखपुर के जंगल अयोध्या प्रसाद इलाके में दुर्गा मूर्ति ले जा रहे ट्रैक्टर की लोहे की रॉड 11,000 वोल्ट की लाइन से टकराई, जिससे तीन युवकों की मौत हो गई और कई लोग झुलस गए। पढ़े परी खबर?

UP News:एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लगी लोहे की रॉड 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गई। इस हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई और करीब 11 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। यह हादसा बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र के राजी चौराहा के पास जंगल अयोध्या प्रसाद इलाके में हुआ। यहाँ दुर्गा मूर्ति को विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा था। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। UP News
गोरखपुर के जिला मजिस्ट्रेट दीपक मीणा के अनुसार, विसर्जन के लिए जा रहे वाहन पर लगी एक लोहे की रॉड ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तारों के संपर्क में आ गई। इसके कारण ट्रैक्टर पर सवार श्रद्धालुओं को जोरदार करंट लगा। UP News
हादसे में तीन श्रद्धालुओं की जान चली गई, जिनकी पहचान दो भाइयों लकी (17 वर्ष) और विक्की (18 वर्ष) तथा उनके चचेरे भाई चंदन (21 वर्ष) के रूप में हुई है। इसके अलावा पुष्पा देवी, नंदिनी, धीरेंद्र, मोनू, अंशिका चौहान, सनी चौहान, प्रियांशु, शिवानी और शांतनु सहित लगभग नौ से ग्यारह लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को आपातकालीन उपचार के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। UP News
घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अधिकारियों ने जुलूस के दौरान बिजली आपूर्ति बंद नहीं की, जो बड़ी लापरवाही है। बताया गया कि पुलिस ने बिजली काटने का संकेत दिया था, लेकिन क्षेत्र में बिजली चालू रही। तनाव तब और बढ़ गया जब बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाहर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने कथित तौर पर लाठीचार्ज किया। इस त्रासदी को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने राज्य सरकार की निगरानी और जवाबदेही की कमी की आलोचना की है। UP News
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने पुष्टि की है कि इस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर को निलंबित किया गया है और दो लाइनमैनों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही, जुलूस के दौरान तैनात दो पुलिस कांस्टेबलों को भी निलंबित किया गया है। जिला प्रशासन ने औपचारिक जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। UP News
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