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प्रदेश में श्रमिकों के लिए 20,000 प्रति माह न्यूनतम वेतन तय किए जाने की खबर पूरी तरह गलत साबित हुई है। राज्य सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह जानकारी भ्रामक है और ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के लिए 20,000 प्रति माह न्यूनतम वेतन तय किए जाने की खबर पूरी तरह गलत साबित हुई है। राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह जानकारी भ्रामक है और ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। UP News
हालांकि 20 हजार वाली खबर अफवाह है, लेकिन श्रमिकों के वेतन में बढ़ोतरी जरूर की गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में हालिया आंदोलन के बाद सरकार ने नई दरें लागू की हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जा रही हैं।
गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में वेतनमान इस प्रकार है:
* अकुशल श्रमिक : 11,313 से बढ़कर 13,690 (2,377 की वृद्धि)
* अर्धकुशल श्रमिक: 12,445 से 15,059 (2,614 का इजाफा)
* कुशल श्रमिक: 13,940 से 16,868 (2,928 की बढ़ोतरीUP News
* अकुशल श्रमिक: 11,313 -13,006
* अर्धकुशल: 12,445 -14,306
* कुशल: 13,940 -16,025 UP News
* अकुशल श्रमिक: 11,313 -12,356
* अर्धकुशल: 12,445 -13,591
* कुशल: 13,940 -15,224 UP News
सरकार ने संकेत दिया है कि जल्द ही एक वेज बोर्ड गठित किया जाएगा। इसी बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर भविष्य में न्यूनतम वेतन को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। फिलहाल यह वृद्धि एक अंतरिम कदम के तौर पर देखी जा रही है, जिससे श्रमिकों और उद्योगों दोनों के हितों में संतुलन बना रहे। UP News
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। नियोक्ताओं को समय पर वेतन, ओवरटाइम, बोनस और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करनी होंगी। कार्यस्थलों पर महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान अनिवार्य है। लेकिन श्रमिकों के वेतन में 1,000 से 3,000 तक की वास्तविक बढ़ोतरी की गई है। आने वाले समय में वेज बोर्ड की रिपोर्ट के बाद और बदलाव संभव हैं। बीस हजार की वेतन बढ़ोत्तरी की बात अफवाह है। UP News
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