उत्तर प्रदेश के चंदौली में सरकारी विभागों में टेंडर दिलाने का झांसा देकर व्यापारी से 1.53 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोपी पर जीईएम पोर्टल के जरिए फर्जी ऑर्डर और सरकारी अधिकारियों के नाम से ईमेल भेजकर भरोसा जीतने का आरोप लगाया है। मामले की जांच के लिए एएसपी सदर के नेतृत

UP News : उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सरकारी विभागों में ठेका दिलाने का झांसा देकर एक व्यापारी से करीब 1.53 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित व्यापारी अशोक कुमार जायसवाल ने निखिल कुमार चटर्जी पर रेलवे, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) समेत अन्य सरकारी संस्थानों में टेंडर दिलाने का भरोसा देकर रकम लेने और बाद में वापस न करने का आरोप लगाया है। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से दोबारा मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है।
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मामला मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र का है। पीड़ित अशोक कुमार जायसवाल के मुताबिक, आरोपी ने उन्हें सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में टेंडर और ऑर्डर दिलाने का आश्वासन दिया था। आरोप है कि विश्वास जीतने के लिए फर्जी ऑर्डर तैयार किए गए और सरकारी अधिकारियों के नाम से ईमेल भेजे गए।
पीड़ित का आरोप है कि इन दस्तावेजों और आश्वासनों के आधार पर अलग-अलग समय पर उनसे करीब 1.53 करोड़ रुपये लिए गए। हालांकि, बाद में न तो उन्हें बताए गए टेंडर और ऑर्डर मिले और न ही उनकी रकम वापस की गई। UP News :
पीड़ित का कहना है कि इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। कार्रवाई में देरी से परेशान होकर उन्होंने पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल से मुलाकात की और मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री से भी शिकायत कर कथित रूप से ठगी गई रकम वापस दिलाने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी सदर विक्रम दहिया के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है। टीम को मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर साक्ष्य जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है।
सीओ डीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है। एसआईटी सभी पहलुओं पर साक्ष्य जुटा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पीड़ित व्यापारी को पुलिस जांच पूरी होने और कथित ठगी की रकम वापस मिलने का इंतजार है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। UP News :
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