उत्तर प्रदेश में चुनावी नौटंकी शुरू, रैली के दौरान मंच पर रोने लगे मंत्री

प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में निषाद पार्टी ने गोरखपुर से अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी। पादरी बाजार स्थित पार्टी कार्यालय से निकली मोटरसाइकिल रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

sanjay ni 1
भावुक हुए संजय निषाद, मंच पर छलके आंसू
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Mar 2026 06:57 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में निषाद पार्टी ने गोरखपुर से अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी। पादरी बाजार स्थित पार्टी कार्यालय से निकली मोटरसाइकिल रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। करीब तीन हजार बाइकों का काफिला शहर के अलग-अलग हिस्सों से गुजरता हुआ प्रमुख स्थानों तक पहुंचा, जिससे पूरे इलाके में चुनावी माहौल बन गया। मंच से भाषण के दौरान मंत्री संजय निषाद इतने भावुक हो गए कि वो फफक-फफक कर रो पड़े।

रैली में दिखी शक्ति प्रदर्शन की झलक

रैली के दौरान कैबिनेट मंत्री संजय निषाद खुद बाइक चलाते हुए कार्यकतार्ओं का नेतृत्व करते नजर आए। इस दौरान समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। पार्टी ने इस आयोजन के जरिए साफ संकेत दिया कि आने वाले चुनाव में वह पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने वाली है। सभा को संबोधित करते हुए संजय निषाद ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक उनके समाज को नजरअंदाज किया गया और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब समाज को उसका हक दिलाने के लिए एकजुट होना होगा।

भावुक हुए संजय निषाद, मंच पर छलके आंसू

कार्यक्रम का सबसे चर्चित पल तब सामने आया, जब भाषण के दौरान संजय निषाद अचानक भावुक हो गए। बोलते-बोलते उनकी आंखें नम हो गईं और वे मंच पर ही रो पड़े। उन्होंने कहा कि उनके समाज के साथ लगातार अन्याय हुआ है और अब इसे बदलने के लिए मजबूती से आगे आना होगा। उनके इस भावुक क्षण ने वहां मौजूद लोगों को भी भावनात्मक कर दिया।

160 सीटों पर प्रभाव का दावा

संजय निषाद ने दावा किया कि प्रदेश की करीब 160 विधानसभा सीटों पर उनके समाज का प्रभाव है। उन्होंने कहा कि यदि समाज एकजुट हो जाता है, तो चुनावी परिणामों पर बड़ा असर पड़ सकता है। यही वजह है कि पार्टी अब इस वर्ग को संगठित करने में जुटी है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में पार्टी चार बड़ी रैलियां आयोजित करेगी। इन रैलियों के जरिए निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग को और तेज किया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संजय निषाद का भावुक अंदाज एक रणनीतिक कदम भी हो सकता है, जिससे समाज में एकजुटता और सहानुभूति पैदा की जा सके। हालांकि, इसका वास्तविक असर 2027 के चुनाव में ही साफ तौर पर दिखाई देगा। गोरखपुर से शुरू हुआ यह अभियान साफ संकेत देता है कि निषाद पार्टी चुनावी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतर चुकी है। अब देखना यह होगा कि यह रणनीति और भावनात्मक अपील आने वाले समय में कितना राजनीतिक असर डालती है। UP News


संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश में कैबिनेट विस्तार और नियुक्तियों से साधे जाएंगे सियासी समीकरण

प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले हफ्तों में योगी सरकार मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ आयोगों, बोर्डों और निगमों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने जा रही है।

yogi (25)
योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Mar 2026 06:26 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले हफ्तों में योगी सरकार मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ आयोगों, बोर्डों और निगमों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद सिर्फ प्रशासनिक मजबूती नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाना भी है। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में कई मंत्रिपद खाली हैं, जिन्हें भरने के साथ कुछ बदलाव भी किए जा सकते हैं। पार्टी ऐसे चेहरों को आगे लाने की तैयारी में है, जो क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को बेहतर बना सकें। हालांकि, शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव की संभावना कम बताई जा रही है।

ओबीसी और अतिपिछड़ा वर्ग पर खास फोकस

बीजेपी की रणनीति में इस बार पिछड़ा वर्ग और अतिपिछड़ा समाज अहम भूमिका में नजर आ रहा है। हाल के महीनों में संगठन और आयोग स्तर पर लिए गए फैसलों से यह साफ संकेत मिला है कि पार्टी इन वर्गों को और मजबूती से अपने साथ जोड़ना चाहती है।

प्रदेश के कई महत्वपूर्ण आयोगों, बोर्डों और सरकारी निगमों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। अब इन्हें भरने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि मध्य अप्रैल तक इन पदों पर नियुक्तियां पूरी कर ली जाएं, ताकि संगठन और सरकार दोनों स्तर पर मजबूती आए।

दिल्ली में होगा अंतिम फैसला

लखनऊ में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है, जिसमें संगठन और सरकार के शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं। हालांकि, अंतिम सूची को लेकर फैसला दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक के बाद ही लिया जाएगा। इसमें केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका अहम रहने वाली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरी कवायद 2027 चुनाव को ध्यान में रखकर की जा रही है। बीजेपी उन सामाजिक वर्गों को फिर से मजबूत तरीके से जोड़ना चाहती है, जिन्होंने पहले उसे जीत दिलाई थी। मंत्रिमंडल विस्तार और आयोग-निगमों में नियुक्तियां केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सोची-समझी चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन फैसलों से पार्टी कितना सामाजिक संतुलन बना पाती है और 2027 के चुनावी समीकरणों पर इसका कितना असर पड़ता है।


संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश में दिल दहला देने वाली वारदात, अवैध संबंध के चक्कर में बहू ने की सास की हत्या

लखनऊ के निशातगंज क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की हत्या से हड़कंप मच गया। 69 वर्षीय महिला का शव उनके ही घर के कमरे में संदिग्ध हालत में मिला। उनके हाथ-पैर बंधे थे और गला दबाकर हत्या किए जाने के संकेत मिले हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है।

marder (4)
जांच शुरू की तो घर में मौजूद बहू का व्यवहार संदिग्ध लगा, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Mar 2026 05:57 PM
bookmark

UP News : राजधानी लखनऊ के निशातगंज क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की हत्या से हड़कंप मच गया। 69 वर्षीय महिला का शव उनके ही घर के कमरे में संदिग्ध हालत में मिला। उनके हाथ-पैर बंधे थे और गला दबाकर हत्या किए जाने के संकेत मिले हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है। पुलिस के मुताबिक घटना के समय घर में परिवार के सीमित सदस्य मौजूद थे। सबसे पहले पोते ने घर पहुंचकर यह भयावह दृश्य देखा और परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की तो घर में मौजूद बहू का व्यवहार संदिग्ध लगा, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।अवैध संबंध बना हत्या की वजह

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि बहू का किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध था, जिसका घर में विरोध हो रहा था। मृतका इस रिश्ते के खिलाफ थीं, जिससे घर में तनाव बना रहता था। इसी को लेकर बहू ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही फॉरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी सबूत जुटाए हैं। जांच एजेंसियां हत्या के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी हैफरार प्रेमी की तलाश में पुलिस की छापेमारी

पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसके साथ मिलकर हत्या की साजिश रची गई। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा और सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। यह घटना पारिवारिक रिश्तों में बढ़ते तनाव और आपसी अविश्वास के गंभीर परिणामों को दर्शाती है। ऐसे मामलों में समय रहते संवाद और समझदारी बेहद जरूरी है, ताकि हालात इस स्तर तक न पहुंचें।

ं।


संबंधित खबरें