नोएडा में दरोगा की पिटाई के बाद अब जेवर में ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस वालों की लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी। ग्रामीणों ने दरोगा के साथ मारपीट करते हुए उनके हमराह व कांस्टेबल की वर्दी बुरी तरह से फाड़ दी। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने अपनी फजीहत से बचने के लिए 20 दिनों तक इस घटना को दबाए रखा।

ग्रेटर नोएडा। दो दिन पहले नोएडा में दरोगा की पिटाई के बाद अब जेवर में ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस वालों की लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी। ग्रामीणों ने दरोगा के साथ मारपीट की और उनके हमराह व कांस्टेबल की वर्दी फाड़ दी। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने अपनी फजीहत से बचने के लिए 20 दिनों तक इस घटना को दबाए रखा। पीड़ित दरोगा की शिकायत पर थाना जेवर में 12 नामजद आरोपियों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
26 अप्रैल की रात ड्यूटी के दौरान हुई घटना जेवर थाने में तैनात उपनिरीक्षक संजीव कुमार ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि 26 अप्रैल की रात्रि उनकी ड्यूटी शांति व्यवस्था, मूर्ति सुरक्षा व मस्जिदों की निगरानी के लिए ग्राम भगवतपुर छातंगा/ शमशमनगर, मेहंदीपुर व चौकी क्षेत्र में लगाई गई थी। ड्यूटी के दौरान वह कॉन्स्टेबल सुशील कुमार के साथ प्राइवेट वाहन से ग्राम भगवतपुर छातंगा की तरफ से मेहंदीपुर होते हुए जा रहे थे। इस दौरान मेहंदीपुर गांव के बाहर सड़क किनारे कब्रिस्तान की दीवार की आड़ में उन्हें कुछ संदिग्ध व्यक्ति छुपे हुए दिखाई दिए। उन्होंने जैसे ही गाड़ी रोकी तो संदिग्ध व्यक्ति भाग निकले। दरोगा ने पीछा कर एक व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम मुस्तकीम पुत्र छोटे निवासी मेहंदीपुर थाना जेवर बताया।
स्टार, बैज और नंबर प्लेट भी ले गए हमलावर वह आरोपी से वह पूछताछ कर ही रहे थे कि इस दौरान गांव की तरफ से 15-20 व्यक्ति एवं कुछ महिलाएं आ गईं। भीड़ में शामिल लोग उनके साथ गाली-गलौज करने लगे और इसी दौरान भीड़ ने उन पर लाठी-डंडों व लात घूंसों से हमला बोल दिया। मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनके व कांस्टेबल सुशील कुमार की वर्दी फाड़ दी और वर्दी के स्टार बैज व नंबर प्लेट आदि छीन ली। हमलावर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर मौके से फरार हो गए।
हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में एफआईआर दरोगा संजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने अपना इलाज सरकारी अस्पताल में कराया और ठीक ना होने पर वह प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। दरोगा संजीव कुमार ने मारपीट की घटना में शामिल मुस्तकीम पुत्र छोटे, अजहरुद्दीन पुत्र छोटे, कादिर पुत्र छोटे, आबिद उर्फ राम पुत्र मकसूद, फहीमुद्दीन पुत्र इस्राइल, गुलफाम पुत्र नसीब खां, जाबिर पुत्र रत्ती, इरफान पुत्र मकसूद, युसूफ पुत्र मकसूद, आसिफ पुत्र यासीन, आमिर पुत्र यासीन, ठिठरी उर्फ समरदीन पुत्र जग्गू निवासी ग्राम मेहंदीपुर व अन्य अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला करने की धारा-307, 147, 148, 353, 332, 323, 504 व आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 की धारा-7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
अफसरों ने नहीं की कोई टिप्पड़ी मंगलवार को जेवर थाने में दर्ज हुई यह रिपोर्ट चर्चा का विषय बनी हुई है। शुरुआत में पुलिस अधिकारियों ने किसी भी तरह की मारपीट की घटना से साफ इनकार किया था। घटना के 20 दिन बाद मुकदमा दर्ज होना चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से बात की गई तो वह इस घटना पर कोई भी टिप्पणी करने से कतराते हुए दिखाई दिए। नोएडा ग्रेटर– नोएडाकी खबरों से अपडेट रहने के लिएचेतना मंचसे जुड़े रहें।देश–दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमेंफेसबुकपर लाइक करें याट्विटरपर फॉलो करें।