यह सुविधा लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा बनाए जा रहे ग्रीन कॉरिडोर के तहत संभव हो पाएगी। इस परियोजना में आईआईएम रोड से लेकर किसान पथ तक करीब 57 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण शामिल है, जिससे प्रतिदिन लगभग 5 लाख लोगों को आवागमन में आसानी होगी।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जल्द ही एक ऐसा मार्ग खुलने वाला है जो शहर में ट्रैफिक की समस्या को काफी हद तक कम करेगा। राजधानी के समतामूलक चौराहे से निशातगंज तक की दूरी अब सिर्फ 5 मिनट में तय की जा सकेगी। यह सुविधा लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा बनाए जा रहे ग्रीन कॉरिडोर के तहत संभव हो पाएगी। इस परियोजना में आईआईएम रोड से लेकर किसान पथ तक करीब 57 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण शामिल है, जिससे प्रतिदिन लगभग 5 लाख लोगों को आवागमन में आसानी होगी।
परियोजना के अंतर्गत समतामूलक चौराहे से निशातगंज, निशातगंज से हनुमान सेतु, हनुमान सेतु से डालीगंज और डालीगंज से पक्का पुल तक ब्रिज, रोड ओवर ब्रिज और बंधों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि 25 दिसंबर तक यह कॉरिडोर राष्ट्र प्रेरणा स्थल के साथ जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण में लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किए गए हैं। इसमें शामिल हैं: कुकरैल 6-लेन ब्रिज जो कि 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा, लागत 45 करोड़ रुपये, तैयार होने के करीब है। कुकरैल से निशातगंज तक बंधा और सड़क: 1.10 किलोमीटर लंबाई, 18 मीटर चौड़ाई, लागत 40 करोड़ रुपये है। निशातगंज 6-लेन ब्रिज: 45 करोड़ रुपये में निमार्णाधीन है। इसके अलावा हनुमान सेतु से गोमती पुल (निशातगंज मार्ग) तक सड़क की चौड़ाई 10 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर कर दी गई है। इससे निशातगंज और कुकरैल चौराहे पर ट्रैफिक दबाव कम होगा। गोमती नदी के किनारे से गुजरने वाला यह कॉरिडोर नए और पुराने लखनऊ को जोड़ने वाली मुख्य धुरी बन जाएगा।