चित्रकूट की गुप्त गोदावरी गुफाएं दीपावली पर भी पर्यटकों के लिए बंद रहेंगी। GSI की जांच में चट्टानें खिसकने का खतरा मिलने के बाद सुरक्षा इंतजाम होने तक रोक बढ़ाई गई है।

UP News : चित्रकूट। जिले की प्रसिद्ध गुप्त गोदावरी गुफाओं में पर्यटकों की आवाजाही पर लगी रोक दीपावली के दौरान भी जारी रहेगी। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की तकनीकी जांच में गुफाओं के अंदर और बाहर कई स्थानों पर चट्टानों के खिसकने और पत्थर गिरने का खतरा सामने आया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने तक गुफाओं को पर्यटकों के लिए नहीं खोलने का निर्णय लिया है। इससे दीपावली पर चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को निराश होना पड़ेगा। 24 सितंबर को गुफा के अंदर पत्थर गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने एहतियातन पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद जीएसआई की टीम ने स्थल का सर्वे कर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी। रिपोर्ट में कई संवेदनशील स्थानों की पहचान करते हुए सुरक्षा के लिए जरूरी तकनीकी उपाय सुझाए गए हैं। UP News :
जीएसआई की रिपोर्ट के अनुसार, गुफा-1 में बाढ़ के पानी के कारण चट्टानों के बीच जमा सामग्री बह गई। इससे चट्टानों के जोड़ चौड़े हो गए हैं और कुछ हिस्सों में उनके खिसकने का खतरा बढ़ गया है। धनुष कुंड और गुफा-2 यानी शेषनाग गुफा में क्षैतिज कंदराओं के रास्ते भूजल के साथ बड़े पत्थर, चिकनी मिट्टी और अन्य मलबा पहुंचता है। इससे यहां भी सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं। राम दरबार हॉल और प्रवेश सीढ़ियों के पास भी चट्टानों के गिरने का जोखिम सामने आया है। जांच में चट्टान का करीब 30 से 40 सेंटीमीटर का एक ब्लॉक आंशिक रूप से लटका मिला। वहीं, प्रवेश सीढ़ियों के अंतिम हिस्से में जोड़ों से घिरा एक बड़ा चट्टानी ब्लॉक भी मिला है, जिसके खिसकने का गंभीर खतरा बताया गया है।
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जीएसआई ने संवेदनशील हिस्सों में चट्टानों को सुरक्षित करने के लिए तकनीकी उपाय अपनाने की सिफारिश की है। प्रवेश सीढ़ियों और राम दरबार के पास लटके चट्टानी ब्लॉकों को सीधे हटाने के बजाय इंजीनियरिंग डिजाइन के तहत रॉक बोल्टिंग, एंकरिंग या अन्य उपयुक्त तकनीक से स्थिर करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा खतखटा चोर सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षात्मक जाली लगाने की सलाह दी गई है। धनुष कुंड और शेषनाग गुफा में बाहर से आने वाले मलबे को नियंत्रित करने के उपाय भी सुझाए गए हैं। हालांकि, सुरक्षा कार्यों के दौरान प्राकृतिक जल प्रवाह बाधित नहीं होना चाहिए। UP News :
जीएसआई की रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन ने गुफाओं को बंद रखने का निर्णय लिया है। सुरक्षा संबंधी उपायों को लागू करने की जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंपी गई है। तकनीकी टीम रिपोर्ट में सुझाए गए उपायों के अनुसार कार्य करेगी। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने बताया कि गुप्त गोदावरी गुफाओं की जीएसआई सर्वे रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट में सुझाए गए सुरक्षा उपायों पर नगर परिषद की तकनीकी टीम काम करेगी। कार्य पूरा होने के बाद ही गुफाओं को पर्यटकों के लिए खोलने पर निर्णय लिया जाएगा।
दीपावली के दौरान चित्रकूट में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में गुप्त गोदावरी गुफाओं के बंद रहने से पर्यटकों को यहां प्रवेश नहीं मिल सकेगा। प्रशासन की प्राथमिकता गुफाओं में आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। चट्टानों को स्थिर करने और अन्य सुरक्षा उपाय पूरे होने के बाद ही गुफाओं को दोबारा खोलने पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल गुफाओं को खोलने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। UP News :
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