
Hapur News: गाजियाबाद जनपद की हापुड़ पुलिस ने रविवार की दोपहर को 1 लाख रूपये के इनामी कुख्यात बदमाश मनोज नगला को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। यह बदमाश नोएडा पुलिस के लिए भी सिरदर्द बना था। मनोज नगला पर 31 से ज्यादा मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं और काफी समय से फरार चल रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार रविवार की दोपहर हापुड़ की नगर कोतवाली क्षेत्रांतर्गत पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। हापुड़ पुलिस एक लाख के इनामी बदमाश मनोज भाटी उर्फ राहुल उर्फ फिरे उर्फ नगला को राजस्थान के रेवाड़ी से पकड़ कर लाई थी। मनोज नगला ने पिछले साल अपने गैंग के साथ हापुड़ में कोर्ट परिसर में अंधाधुंध फायरिंग करके हत्या की थी। मनोज नगला से शहर कोतवाली में पूछताछ करने के बाद उसकी निशानदेही पर हथियारों की बरामदगी करने पुलिस गई थी, इसी दौरान मनोज ने भागने का प्रयास किया। जब पुलिस ने उसे पकड़े की कोशिश की तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी मनोज नगला पर फायरिंग की, जिससे बदमाश को गोली लगी। जिसके बाद वह घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हापुड़ के एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि मनोज के दो और साथी फरार हैं। जिनकी तलाश की जा रही है।
मनोज नगला का अपराधिक इतिहास
एसपी मनोज वर्मा के अनुसार, मनेाज नगला पर 17 मुकदमे दादरी में, तीन मुकमे जारचा थाने में, चार मुकदमे सूरजपुर में, एक मुकदमा बिसरख, दो मुकदमें हापुड़ कोतवाली में, एक साहिबाबाद थाने में, एक गाजियाबाद जनपद के मुरादनगर तथा दो मुकदमे हरियाणा के फरिदाबाद थाने में दर्ज हैं। कुल 31 मुकदमें उसके खिलाफ दर्ज हैं। दर्ज मुकदमों गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, हत्या का प्रयास, हत्या, शस्त्र अधिनियम आदि शामिल हैं।
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि मनोज कचहरी शूटआउट मामले में मुख्य शूटर था। जो फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे शनिवार को रेवाड़ी से पकड़ा था। इसके बाद पुलिस बदमाश को हापुड़ कोतवाली ले आई। पुलिस बदमाश की निशानदेही पर हापुड़ में स्थित सरकारी ट्यूबवेल के पास पहुंची और वहां से हथियार बरामद किया। जहां पर मौका देखते ही मनोज नगला ने पुलिस पर हमला बोला। मनोज के दो साथी अंकित और शिवम फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।