UP News: कांवड़ यात्रा को लेकर हापुड़ में 31 जुलाई से रूट डायवर्जन लागू होगा। जानिए दिल्ली, मेरठ, अमरोहा और मुरादाबाद जाने वाले वाहनों के नए रास्ते।

Hapur Traffic Diversion Plan: सावन माह की कांवड़ यात्रा को देखते हुए हापुड़ प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। कांवड़ियों की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए जिले में 31 जुलाई से रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। ऐसे में हापुड़, दिल्ली-एनसीआर, मेरठ, अमरोहा, मुरादाबाद और आसपास के इलाकों में सफर करने वाले लोगों को घर से निकलने से पहले नया ट्रैफिक प्लान जरूर देख लेना चाहिए। प्रशासन ने हल्के वाहनों के साथ-साथ भारी वाहनों के लिए भी अलग-अलग रूट तय किए हैं। यह व्यवस्था कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ और जाम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लागू की जा रही है।
हापुड़ प्रशासन के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान अलग-अलग चरणों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। इस दौरान कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बदली जाएगी। रूट डायवर्जन की अवधि इस प्रकार रहेगी-
इस दौरान वाहन चालकों को प्रशासन द्वारा तय किए गए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा।
दिल्ली और गाजियाबाद की ओर से अमरोहा जाने वाले हल्के वाहनों को अब हापुड़ से सिम्भावली कट होते हुए गंगा एक्सप्रेसवे का रास्ता लेना होगा। वाहन चालक गंगा एक्सप्रेसवे पर मेरठ 32.5 किलोमीटर माइल स्टोन से यू-टर्न लेकर हसनपुर गंवा कट (अमरोहा) या संभल कट के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। वहीं अमरोहा और गजरौला की ओर से हापुड़, गाजियाबाद और दिल्ली जाने वाले वाहनों को भी गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए सिम्भावली कट होते हुए एनएच-9 से आगे भेजा जाएगा।
मुरादाबाद से दिल्ली और गाजियाबाद जाने वाले हल्के वाहनों को चंदौसी और संभल कट से गंगा एक्सप्रेसवे होते हुए सिम्भावली कट के रास्ते एनएच-9 पर भेजा जाएगा। मेरठ से मुरादाबाद जाने वाले वाहनों को टियाला, किठौर, मवाना, बहसूमा, मीरापुर, बिजनौर और छजलैट होते हुए आगे जाना होगा। मेरठ से दिल्ली और गाजियाबाद जाने वाले वाहनों के लिए टियाला, ततारपुर चौराहा, सोना फ्लाईओवर, निजामपुर फ्लाईओवर और छिजारसी टोल प्लाजा वाला मार्ग तय किया गया है।
कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ प्रमुख मार्गों पर वन-वे व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे कांवड़ियों की आवाजाही में परेशानी न हो और यातायात सुचारु बना रहे।
कांवड़ यात्रा के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही पर भी बदलाव किया गया है। दिल्ली, गाजियाबाद, अमरोहा, मुरादाबाद और आसपास से आने वाले भारी वाहनों को अलग-अलग वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा। दिल्ली और गाजियाबाद से अमरोहा जाने वाले भारी वाहनों को सिम्भावली कट से गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते हसनपुर गांव कट या संभल कट से आगे भेजा जाएगा। वहीं मेरठ से मुरादाबाद जाने वाले भारी वाहन टियाला, किठौर, मवाना, बहसूमा, मीरापुर, बिजनौर और छजलैट मार्ग का इस्तेमाल करेंगे।
अगर डायवर्जन के दौरान किसी तरह की परेशानी या अचानक स्थिति बनती है तो प्रशासन वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कराएगा। दिल्ली और गाजियाबाद से मुरादाबाद-बरेली जाने वाले भारी वाहनों को लालकुआं से दादरी, सिकंदराबाद, बुलंदशहर, नरोरा, बबराला, बहजोई और चंदौसी होते हुए भेजा जा सकता है। इसके अलावा डासना से आने वाले वाहनों को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के रास्ते आगे भेजने की व्यवस्था भी रखी गई है।
कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वह यात्रा से पहले रूट की जानकारी जरूर ले लें। खासकर दिल्ली-एनसीआर, मेरठ, अमरोहा और मुरादाबाद की तरफ जाने वाले लोगों को बदले हुए मार्गों का ध्यान रखना होगा। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात को बेहतर बनाए रखने के लिए की जा रही है।
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