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अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर चल रही जांच के बीच अब हरिद्वार के संत समाज ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

UP News : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर चल रही जांच के बीच अब हरिद्वार के संत समाज ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। हरिद्वार के कई साधु-संतों ने इस प्रकरण में तत्कालट्रस्ट महासचिव चंपत राय की भूमिका और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी संस्था का प्रमुख अपने दायित्व से अलग नहीं हो सकता। यह बयान ऐसे समय आया है, जब मामले की जांच तेज हो चुकी है। पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां चढ़ावे की गिनती, सुरक्षा व्यवस्था और धन के प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
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श्री पंचायती उदासीन बड़ा अखाड़ा, कनखल के महंत सूर्यांश मुनि महाराज ने कहा कि यदि किसी धार्मिक संस्था में वित्तीय अनियमितता या चोरी जैसी घटना होती है, तो केवल कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराकर शीर्ष पदों पर बैठे लोग अपनी जवाबदेही से मुक्त नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि यदि किसी आश्रम या अखाड़े में ऐसी घटना होती है तो सबसे पहले यह देखा जाता है कि प्रबंधन ने अपनी जिम्मेदारियां किस प्रकार निभाईं। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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महंत सूर्यांश मुनि महाराज ने सुझाव दिया कि राम मंदिर ट्रस्ट में विभिन्न अखाड़ों के संतों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि धार्मिक संस्थाओं के संचालन में संतों की भागीदारी बढ़ने से पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत हो सकती है। उन्होंने कहा कि मंदिरों और अखाड़ों का संचालन लंबे समय से संत समाज करता आया है, इसलिए उनके अनुभव का लाभ ट्रस्ट प्रबंधन को भी मिलना चाहिए। श्री पंचायती उदासीन बड़ा अखाड़ा के कोठारी महंत राघवेंद्र दास महाराज ने भी कहा कि यदि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी हुई है तो इसकी विस्तृत जांच जरूरी है। उनके अनुसार, किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं के प्रति करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी होती है, इसलिए ऐसी घटनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
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राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच एजेंसियां लगातार साक्ष्य जुटा रही हैं। पुलिस कई गिरफ्तारियां कर चुकी है और चढ़ावे की गिनती, नकदी के प्रबंधन, बैंक में जमा प्रक्रिया तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से भी पूछताछ की जा चुकी है। हरिद्वार के संतों का कहना है कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े किसी भी विवाद की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास कायम रहे और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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