उत्तर प्रदेश के हाथरस में सांसद अनूप प्रधान के नाम पर कथित फर्जी हस्ताक्षर कर 11 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। राजकमल प्रकाशन समूह के अधिकारी मुकेश कुमार ने विमल गौतम के खिलाफ एसपी से शिकायत की है।

UP News : उत्तर प्रदेश के हाथरस से सांसद अनूप प्रधान के नाम का दुरुपयोग कर 11 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। राजकमल प्रकाशन समूह, नई दिल्ली के मुख्य परिचालन अधिकारी मुकेश कुमार ने विमल गौतम के खिलाफ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सांसद के फर्जी हस्ताक्षर वाले अनुशंसा पत्र के जरिए पुस्तक खरीद का काम दिलाने का भरोसा देकर उनसे रकम ली गई। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कराने, आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और 11 लाख रुपये वापस दिलाने की मांग की है। UP News
शिकायत के अनुसार, मुकेश कुमार पिछले 17 वर्षों से राजकमल प्रकाशन समूह में कार्यरत हैं। बताया गया है कि 4 अगस्त 2026 को दिल्ली स्थित सांसद अनूप प्रधान के आवास पर मुलाकात के दौरान उनकी पहचान विमल गौतम से हुई थी। मुकेश कुमार वहां सांसद निधि से पुस्तक खरीद संबंधी कार्य के सिलसिले में सांसद से मिलने पहुंचे थे। आरोप है कि अगले दिन विमल गौतम ने फोन कर बताया कि सांसद से उनकी बातचीत हो चुकी है और प्रकाशन समूह को सांसद निधि से पुस्तक खरीद का काम मिलने वाला है। इसके बाद कथित तौर पर इस काम को दिलाने के बदले 11 लाख रुपये की मांग की गई। UP News
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 8 अगस्त को सांसद के लेटरहेड के माध्यम से कार्य दिलाने की बात कही गई। आरोप है कि सांसद के हस्ताक्षर से अनुशंसा पत्र जारी कराने और उसे ई-साक्षी पोर्टल पर अपलोड करने का आश्वासन दिया गया था। इसी भरोसे पर मुकेश कुमार ने 11 लाख रुपये दे दिए। मुकेश कुमार का कहना है कि 25 अगस्त को विमल गौतम ने उन्हें व्हाट्सऐप के माध्यम से एक स्क्रीनशॉट भेजा। इसके जरिए अनुशंसा पत्र ई-साक्षी पोर्टल पर अपलोड किए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, स्क्रीनशॉट देखने के बाद उन्हें संदेह हुआ। UP News
शिकायत के मुताबिक, संदेह होने पर 7 सितंबर को राजकमल प्रकाशन समूह के मालिक अशोक माहेश्वरी के साथ सांसद अनूप प्रधान से मुलाकात की गई। इसी दौरान अनुशंसा पत्र पर हस्ताक्षरों को लेकर मामला सामने आया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पत्र पर सांसद के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बाद मुकेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक हाथरस से शिकायत कर पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की। उन्होंने अपनी शिकायत के समर्थन में बातचीत के स्क्रीनशॉट और कॉल हिस्ट्री भी संलग्न किए जाने की बात कही है। UP News
शिकायतकर्ता ने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए और ठगी गई 11 लाख रुपये की रकम वापस दिलाई जाए। फिलहाल, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस जांच के निष्कर्षों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अनुशंसा पत्र में हस्ताक्षरों के साथ क्या हुआ और रकम लेने के मामले में किसकी क्या भूमिका थी। UP News
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