Hathras News: बारिश के मौसम में हर साल सर्पदंश के मामले बढ़ते हैं लेकिन इस बार एक ही रात में 20 लोगों के सांप के काटने की घटना ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों की चिंता बढ़ा दी है।

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए नई परेशानी बनकर सामने आई है। बारिश के कारण सांप अपने बिलों से निकलकर खेतों और रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे हैं जिससे सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। बुधवार रात जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक ही रात के भीतर 20 लोगों को सांप ने डस लिया। सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज शुरू किया गया। कुछ मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।
पिछले दो दिनों से जिले में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण खेतों और निचले इलाकों में पानी भर गया है जिससे सांप अपने बिलों से बाहर निकलने को मजबूर हो रहे हैं। यही वजह है कि अब वे गांवों, घरों और खेतों तक पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बारिश के मौसम में हर साल सर्पदंश के मामले बढ़ते हैं लेकिन इस बार एक ही रात में 20 लोगों के सांप के काटने की घटना ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पूरी रात सर्पदंश के मरीजों को लाया जाता रहा। किसी को खेत में काम करते समय सांप ने काटा तो किसी को घर में सोते वक्त। कुछ लोग घर के बाहर निकले थे तभी सांप के संपर्क में आ गए। डॉक्टरों ने सभी मरीजों को तुरंत एंटी स्नेक वेनम देकर इलाज शुरू किया। जिन मरीजों की हालत ज्यादा गंभीर थी उन्हें हायर सेंटर भेजा गया ताकि समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
बारिश के बाद हाथरस जिले में सर्पदंश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले पांच दिनों में सांप के काटने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कई अन्य मरीज अभी भी इलाज करा रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि रोजाना छह से आठ सर्पदंश के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में लापरवाही बिल्कुल न करें। रात के समय बिना जूते-चप्पल पहने बाहर न निकलें और अंधेरे में जाने से पहले टॉर्च का इस्तेमाल जरूर करें। घर और आसपास की झाड़ियों की नियमित सफाई करें ताकि सांप छिप न सकें। डॉक्टरों का कहना है कि खेतों में काम करने वाले लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। जहां पानी भरा हो या घनी घास हो वहां बिना देखे पैर न रखें।
चिकित्सकों का कहना है कि सांप काटने के बाद सबसे बड़ी गलती झाड़-फूंक या घरेलू इलाज के भरोसे बैठ जाना है। ऐसा करने से इलाज में देरी हो सकती है और मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो सबसे पहले उसे शांत रखें और घबराने न दें। जिस हाथ या पैर में सांप ने काटा है उसे कम से कम हिलाएं ताकि जहर तेजी से शरीर में न फैले। मरीज को बिना समय गंवाए तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं जहां एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हो।
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