महिला ने युवक पर लिफ्ट देने के बहाने साथ ले जाने, बेहोश कर गलत कृत्य करने का आरोप लगाया है। FIR न होने पर SP से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

UP News: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक महिला ने सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के एक युवक पर लिफ्ट देने के बहाने उसे अपने साथ ले जाने, बेहोश करने और जबरन गलत कृत्य करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक हाथरस को शिकायती पत्र देकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
महिला का आरोप है कि उसने घटना की शिकायत सिकंदराराऊ थाने में दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उसकी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। शिकायती पत्र के अनुसार, पीड़िता अलीगढ़ जिले के इगलास थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। महिला का कहना है कि करीब एक महीने पहले वह सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के अपने मायके गई थी। महिला के मुताबिक, 10 अगस्त 2026 को शाम करीब चार बजे वह अपने ससुराल लौट रही थी। कांवड़ यात्रा के चलते पंत चौराहे पर उसे कोई वाहन नहीं मिल रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद सौनई निवासी एक युवक ने उसे मोटरसाइकिल से सासनी तक छोड़ने की बात कही। आरोप है कि महिला युवक की मोटरसाइकिल पर बैठ गई, लेकिन युवक उसे सासनी ले जाने के बजाय हाथरस की ओर ले गया। UP News:
महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि युवक उसे हाथरस ले गया और एक होटल में खाना खिलाया। खाना खाने के बाद उसे चक्कर आने लगे और वह बेहोश हो गई। महिला का आरोप है कि जब उसे होश आया तो वह हाथरस के किसी घर में थी। उसके मुताबिक, उस समय उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे। घर में दो महिलाएं और एक युवक मौजूद थे। महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि वहां मौजूद महिलाओं ने युवक से उसे कहीं छोड़ आने के लिए कहा। शिकायती पत्र के मुताबिक, महिला का आरोप है कि आरोपी युवक उसे रात करीब 12 बजे हाथरस के तालाब चौराहे पर छोड़कर चला गया। महिला ने घटना की जानकारी अपने पति को देने की बात भी कही है। इसके बाद वह मामले की शिकायत दर्ज कराने सिकंदराराऊ थाने पहुंची। UP News:
महिला का आरोप है कि सिकंदराराऊ थाने में शिकायत देने के बावजूद उसकी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक हाथरस को शिकायती पत्र सौंपकर मामले में मुकदमा दर्ज कराने और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब पुलिस के स्तर पर शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच किया जाना है। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
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