बांदा के बबेरू सीएचसी परिसर में संविदा स्वास्थ्यकर्मियों का क्रमिक अनशन दूसरे दिन और आशा संगिनियों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। स्वास्थ्यकर्मी नियमितीकरण, समान वेतन, महंगाई भत्ता, पीएफ, चिकित्सा सुविधाओं और कैशलेस इलाज की मांग कर रहे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संविदा कर्मचारियों और आशा संगिनियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बबेरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में अपनी मांगों को लेकर दो अलग-अलग आंदोलन जारी हैं। संविदा स्वास्थ्यकर्मियों का क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा, जबकि आशा संगिनियां चौथे दिन भी धरने पर बैठी रहीं। दोनों समूहों ने अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई की जरूरत बताई है। UP News :
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में संविदा स्वास्थ्यकर्मी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, महंगाई भत्ता, भविष्य निधि (पीएफ), चिकित्सा सुविधाएं और कैशलेस इलाज शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन उनके वेतन और सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उनका जोर है कि लंबे समय से उठाई जा रही मांगों पर केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस कदम उठाए जाएं।
धरने में डॉ. बृजेश भारती, डॉ. सिद्धार्थ मनोहर, अभिषेक अग्रहरी, नितेश गुप्ता, वैभव सिंह, सतवीर, आरती पटेल, रंजना, प्रतिभा, श्रद्धा, विद्या यादव और ममता सहित अन्य कर्मचारी व चिकित्सक मौजूद रहे। UP News :
दूसरी ओर, आशा संगिनियों का धरना भी जारी है। नीतू सिंह के नेतृत्व में वे चौथे दिन अपनी सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में डटी रहीं। आशा संगिनियों ने समान वेतन और आशा कार्यकर्ताओं को स्थायी नियुक्ति देने की मांग उठाई है। आशा संगिनियों के मुताबिक, विभागीय कामकाज का बड़ा हिस्सा मोबाइल के माध्यम से किया जाता है, लेकिन उन्हें उपलब्ध कराए गए मोबाइल खराब हो चुके हैं। इससे काम पूरा करने में परेशानी होती है। उन्होंने भुगतान में कटौती को लेकर भी सवाल उठाए हैं और संबंधित समस्याओं के समाधान की मांग की है।
बबेरू सीएचसी परिसर में जारी दोनों आंदोलनों के बीच संविदा स्वास्थ्यकर्मी और आशा संगिनियां अपने-अपने मुद्दों पर कार्रवाई की मांग कर रही हैं। नियमितीकरण, समान वेतन, बेहतर सुविधाओं और कामकाज में आने वाली दिक्कतों को लेकर उनका आंदोलन जारी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन मांगों पर क्या कदम उठाता है। UP News :
विज्ञापन