बरेली के मीरगंज में मूसलाधार बारिश से कच्चे मकान क्षतिग्रस्त और खेत जलमग्न हो गए। प्रभावित परिवारों ने राहत, सर्वे और फसल नुकसान के मुआवजे की मांग की।

UP News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मीरगंज तहसील क्षेत्र में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अतिवृष्टि के कारण कई गांवों में कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने से गरीब परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। वहीं, खेतों में पानी भरने से कई किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। बारिश से प्रभावित लोगों की समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा की प्रदेश अध्यक्ष एवं भाजपा नेत्री प्रो. भक्ति सिंह ने उपजिलाधिकारी मीरगंज को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की।
प्रो. भक्ति सिंह ने प्रशासन से मांग की कि बारिश से प्रभावित परिवारों को जरूरत के अनुसार तिरपाल, राहत सामग्री और अस्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि जिन परिवारों के कच्चे मकान बारिश के कारण क्षतिग्रस्त या गिर गए हैं, उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित गांवों में राजस्व विभाग की टीम भेजकर नुकसान का स्थलीय सर्वे कराने की मांग भी की। सर्वे के माध्यम से मकानों और फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन किए जाने की मांग की गई है। UP News:
ज्ञापन में छोटे, सीमांत और गरीब किसानों को बारिश से हुए फसल नुकसान के आधार पर नियमानुसार मुआवजा और आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है और यदि समय पर सहायता नहीं मिली तो प्रभावित किसानों की आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है। प्रो. भक्ति सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों तक समय पर मदद पहुंचाना जरूरी है। प्रशासन को नुकसान का आकलन कर पात्र लोगों को नियमानुसार राहत उपलब्ध करानी चाहिए। इस दौरान इंद्रपाल ग्राम प्रधान, गंगा सहाय राजपूत, हरद्वारी लाल वर्मा समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। UP News:
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