हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद पुलिस ने वकीलों से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा शुरू की है। इसी क्रम में विशेष प्रकोष्ठ के जरिए महज 15 दिनों में 200 से ज्यादा मामलों में चार्जशीट दाखिल कर अदालत भेजी गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश में आपराधिक मामलों में आरोपी वकीलों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद पुलिस ने वकीलों से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा शुरू की है। इसी क्रम में विशेष प्रकोष्ठ के जरिए महज 15 दिनों में 200 से ज्यादा मामलों में चार्जशीट दाखिल कर अदालत भेजी गई है। वहीं, 100 से अधिक मामलों में अभी चार्जशीट की प्रक्रिया लंबित है। UP News
वकीलों के खिलाफ शिकायतों और दर्ज मुकदमों की निगरानी के लिए पुलिस ने 25 जुलाई को एक विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया था। इस सेल को केवल वकीलों से जुड़े मामलों की जांच और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। पीड़ितों की शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस की ओर से एक मोबाइल नंबर भी जारी किया गया था। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद विशेष प्रकोष्ठ ने शहर और ग्रामीण इलाकों के थानों में वकीलों के खिलाफ दर्ज मुकदमों का रिकॉर्ड जुटाना शुरू किया। लंबित मामलों की जांच पूरी कर उनके आधार पर चार्जशीट अदालत में भेजने की प्रक्रिया तेज की गई। UP News
पुलिस के मुताबिक, विशेष प्रकोष्ठ के गठन के बाद करीब 15 दिनों में ही 200 से अधिक मामलों में चार्जशीट कोर्ट भेजी जा चुकी है। इसके अलावा 100 से ज्यादा मामलों में जांच और चार्जशीट की कार्रवाई अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि जिन मामलों में जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि हो रही है, उनमें नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, केवल शिकायत दर्ज होना किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है और अंतिम फैसला अदालत ही करेगी। UP News
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर गठित इस विशेष प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी जेसीपी कानून-व्यवस्था को दी गई है। प्रकोष्ठ में वकीलों के खिलाफ लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं। शिकायत मिलने के बाद संबंधित थाने से मामले की जांच कराई जाती है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है। UP News
विशेष प्रकोष्ठ को कुछ ऐसे मामलों की शिकायतें भी मिली हैं, जिनमें वकीलों और लीगल एसोसिएट्स के संगठित तरीके से काम करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने ऐसे मामलों की अलग से जानकारी जुटाई है।\ अधिकारियों के मुताबिक, 40 से अधिक वकीलों और लीगल एसोसिएट्स को चिह्नित किया गया है। इनसे संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। UP News
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