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प्रदेश के बहुचर्चित 46 साल पुराने प्रकाश नारायण पांडे हत्याकांड में प्रयागराज की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित 46 साल पुराने प्रकाश नारायण पांडे हत्याकांड में प्रयागराज की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इस लंबे समय से चल रहे मामले में सभी आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। UP News
अदालत ने पूर्व विधायक विजय मिश्रा के साथ-साथ संतराम, बलराम और जीत नारायण को भी दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला एमपी-एमएलए कोर्ट के जज योगेश कुमार तृतीय की अदालत द्वारा सुनाया गया। UP News
यह मामला वर्ष 1980 का है, जब प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े प्रकाश नारायण पांडे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह वारदात उस समय पूरे प्रदेश में सनसनी का कारण बनी थी। कोर्ट परिसर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह पर हुई इस हत्या ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। UP News
इस मामले की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया कई दशकों तक चलती रही। गवाहों की गवाही, दस्तावेजी साक्ष्य और लंबी ट्रायल प्रक्रिया के बाद आखिरकार अदालत ने अपना अंतिम निर्णय सुनाया। करीब 46 साल बाद आए इस फैसले को न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। UP News
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला दर्शाता है कि भारतीय न्याय व्यवस्था में भले ही समय लगे, लेकिन गंभीर अपराधों में न्याय की प्रक्रिया अंतत: निष्कर्ष तक पहुंचती है। इस फैसले ने एक बार फिर पुराने आपराधिक मामलों की लंबी सुनवाई और न्यायिक देरी पर बहस को भी तेज कर दिया है। प्रयागराज एमपी-एमएलए कोर्ट का यह फैसला न केवल एक पुराने हत्याकांड का अंत है, बल्कि न्यायिक प्रणाली के धैर्य और निरंतरता का भी उदाहरण है। 46 साल बाद आया यह निर्णय पीड़ित परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण न्यायिक राहत माना जा रहा है। UP News
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