UP News: उत्तर प्रदेश के सैफई से एक फर्जी आईएएस के गिरफ्तार होने की खबर सामने आ रही है। आरोपी आईएएस होने का रौब गांठकर लोगों से रुपए हड़प लेता था। इसमें उसका सहयोग एक अन्य उसका साथी करता था। पुलिस ने फर्जी आईएएस समेत दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
फर्जी आईएएस का नियुक्ति पत्र दिखाकर करता था लूटपाट
फर्जी आईएएस इटावा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर कैब में बैठाकर लूट की वारदात को अंजाम देता था। सैफई पुलिस व साइबर क्राइम ने फर्जी आईएएस अधिकारी और उसके साथी को सैफई क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी के पास से फर्जी आईएएस का नियुक्ति पत्र, लूट का सामान, भारत सरकार' लिखी स्कॉर्पियो, दो तमंचे, कारतूस, क्रेडिट कार्ड, नकदी व पीड़ित का पर्स बरामद हुआ है।सैफई थाना क्षेत्र में 11 जुलाई की रात एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह रामप्रवेस निवासी आजमगढ़ है और उसने 'ब्ला ब्ला ऐप' के माध्यम से आगरा जाने के लिए कैब बुक की थी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर सवार दो युवकों ने उससे मोबाइल, नकदी व अन्य सामग्री लूट ली और फरार हो गए। सूचना मिलते ही सैफई पुलिस और साइबर क्राइम की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई और जांच-पड़ताल के बाद आरोपियों का सुराग लगाकर उन्हें सैफई से गिरफ्तार कर लिया।
खुद को शामली जिले का एसडीएम बताता था फर्जी आईएएस
गिरफ्तार आरोपियों में एक अमर पांडे पुत्र इंद्र कुंवर पांडे ग्राम बेलवा भीखनपुर, जिला बलरामपुर और दूसरा रामाधीन पुत्र रामदेव निवासी समदा थाना कोतवाली बलरामपुर शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में अमर पांडे ने खुद को शामली जिले का एसडीएम बताते हुए स्वीकार किया कि वह दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहा था, लेकिन असफल रहने के बाद उसने दोस्तों पर रौब जमाने और टोल टैक्स बचाने के लिए फर्जी आईएएस नियुक्ति पत्र बनवाया था।
क्या कहना है पुलिस का
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी 'ब्ला ब्ला ऐप' के जरिए कैब चला रहे थे और इसी बहाने लोगों को लूट का निशाना बनाते थे। गिरफ्तारी के समय उनके पास से फर्जी आईएएस नियुक्ति पत्र, एक स्कॉर्पियो गाड़ी (जिस पर 'भारत सरकार' लिखा था), दो तमंचे, जिंदा कारतूस, पीड़ित का पर्स, चार हजार रुपये नकद और क्रेडिट कार्ड बरामद हुआ है।