शुरुआत में पुलिस के सामने यह एक अंधा हत्याकांड था, लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। पुलिस को पता चला कि इस हत्या की साजिश खुद मृतक की पत्नी रेनू ने रची थी। रेनू का एक अन्य महिला मालती देवी उर्फ बुद्धी के साथ बीते डेढ़ साल से गहरा संबंध था।

UP News : उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सामने आया यह हत्याकांड रिश्तों, विश्वास और कानून तीनों को झकझोर देने वाला है। पति की मौजूदगी को अपनी राह का रोड़ा मान चुकी एक महिला ने अपनी महिला साथी के साथ मिलकर ऐसी साजिश रची, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। असोथर थाना क्षेत्र में 14 जनवरी की सुबह खेत में एक किसान का खून से सना शव मिलने से हड़कंप मच गया था। मृतक की पहचान 45 वर्षीय रामसुमेर के रूप में हुई, जो खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। शरीर पर गहरे चोट के निशान और गला रेतने के घाव साफ तौर पर हत्या की ओर इशारा कर रहे थे।
शुरुआत में पुलिस के सामने यह एक अंधा हत्याकांड था, लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। पुलिस को पता चला कि इस हत्या की साजिश खुद मृतक की पत्नी रेनू ने रची थी। रेनू का एक अन्य महिला मालती देवी उर्फ बुद्धी के साथ बीते डेढ़ साल से गहरा संबंध था। दोनों के बीच भावनात्मक और निजी रिश्ता बन चुका था और वे एक-दूसरे के साथ जीवन बिताना चाहती थीं।
रामसुमेर को जब इस रिश्ते की भनक लगी तो उसने इसका खुलकर विरोध किया। वह अक्सर मालती के घर आने-जाने पर नाराजगी जताता था। एक दिन विवाद इतना बढ़ गया कि उसने मालती को डांटकर घर से भगा दिया। इसके बाद दोनों महिलाओं ने फोन के जरिए संपर्क बनाए रखा और पति को रास्ते से हटाने का खतरनाक फैसला ले लिया।
हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए मालती देवी ने अपने परिचित ई-रिक्शा चालक जितेंद्र गुप्ता से संपर्क किया। दोनों के बीच पहले से जान-पहचान थी और लेन-देन भी होता रहता था। मालती ने जितेंद्र को रामसुमेर की हत्या के बदले 60 हजार रुपये देने का प्रस्ताव दिया। सौदे के तहत आठ हजार रुपये एडवांस दिए गए और साथ ही एक प्लॉट दिलाने का लालच भी दिया गया। 13 जनवरी की रात जब रामसुमेर रोज की तरह खेत की ओर जा रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे रोक लिया। रस्सी से गला दबाकर उसे बेहोश किया गया और फिर चाकू से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए और शव खेत में ही छोड़ दिया गया।
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए रेनू, मालती देवी और राजू सोनकर को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में तीनों ने हत्या की साजिश और उसकी पूरी योजना कबूल की। वहीं मुख्य आरोपी जितेंद्र गुप्ता और उसका साथी रामप्रकाश अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लाल रंग की रस्सी, खून से सने कपड़े और दो कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू अभी तक नहीं मिल सका है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी और इसमें आर्थिक लालच के साथ-साथ निजी संबंधों की भूमिका अहम रही। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। यह घटना समाज के उस अंधेरे पहलू को उजागर करती है, जहां अवैध और जटिल रिश्ते इंसान को अपराध की ऐसी हद तक ले जाते हैं, जिससे न केवल एक परिवार उजड़ जाता है, बल्कि कई जिंदगियां हमेशा के लिए प्रभावित हो जाती हैं।