उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी रिंकू सिंह खूब चर्चा में बने हुए हैं। दरअसल किसी भी पद पर तैनाती ना मिलने के कारण उत्तर प्रदेश के इस होनहार IAS अधिकारी रिंकू सिंह ने अपने पद से त्याग-पत्र दे दिया है। IAS जैसे प्रतिष्ठित पद से इस्तीफा देने के कारण रिंकू सिंह की बड़े पैमाने पर चर्चा हो रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी रिंकू सिंह खूब चर्चा में बने हुए हैं। दरअसल किसी भी पद पर तैनाती ना मिलने के कारण उत्तर प्रदेश के इस होनहार IAS अधिकारी रिंकू सिंह ने अपने पद से त्याग-पत्र दे दिया है। IAS जैसे प्रतिष्ठित पद से इस्तीफा देने के कारण रिंकू सिंह की बड़े पैमाने पर चर्चा हो रही है। बेहद गरीब परिवार में पैदा हुए रिंकू सिंह ने पहले PCS अधिकारी तथा फिर IAS अधिकारी बनकर इतिहास रच दिया था।
उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी रिंकू सिंह की केवल उत्तर प्रदेश में ही चर्चा नहीं हो रही है। पूरे देश में IAS रिंकू सिंह चर्चा का बड़ा विषय बने हुए हैं। कोई रिंकू सिंह के द्वारा IAS अधिकारी के पद से त्याग-पत्र का जायज ठहरा रहा है तो कोई बोल रहा है कि यह रिंकू सिंह के द्वारा उठाया गया गलत कदम है। इस बीच अनेक IAS अधिकारी प्रकाश में आए हैं जिन्हें IAS की नौकरी में लगातार कष्ट झेलने पड़े हैं। ऐसे अनेक IAS अधिकारी हैं जिन्हें अपनी ईमानदारी के कारण सैकड़ों बार तबादले करके व्यवस्था ने बहुत तंग किया है।
वर्ष-2025 में IAS के पद से रिटायर होने वाले IAS अधिकारी अशोक खेमका की खूब चर्चा होती है। अशोक खेमका का IAS की नौकरी में 66 बार तबादला हुआ था। प्रचार यह होता था कि अशोक खेमका ऐसे IAS अधिकारी हैं जिनका सबसे अधिक बार तबादला हुआ है।
इन दिनों महाराष्ट्र के IAS अधिकारी तुकाराम मुंधे की भी चर्चा उत्तर प्रदेश के IAS रिंकू सिंह की तरह से खूब हो रही है। यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि सबसे ज्यादा ट्रांसफर रिकॉर्ड अशोक खेमका के नाम नहीं था बल्कि हरियाणा कैडर के अधिकारी प्रदीप कासनी पर था। उनका 33 साल के IAS के कार्यकाल में कुल 70 बार स्थानांतरण हुआ था। इस तरह देखें तो वह एक पोस्टिंग में 6 महीने भी औसतन नहीं रह पाए थे। उनका 2018 में रिटायरमेंट हुआ था, जब वह हरियाणा के लैंड यूज बोर्ड में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के तौर पर तैनात थे। उनकी आखिरी पोस्टिंग भी 6 महीने ही रही थी। दरअसल इन अधिकारियों का जिक्र आज इसलिए कर रहे हैं क्योंकि महाराष्ट्र के तुकाराम मुंधे इन दिनों चर्चा में हैं। उनका देवेंद्र फडणवीस सरकार ने ट्रांसफर किया है और अपने 21 साल के करियर में तुकाराम मुंधे का यह 24वां ट्रांसफर था। इसी बहाने यह चर्चा हुई कि आखिर वे कौन से अधिकारी हैं, जिनके सबसे ज्यादा ट्रांसफर हुए हैं। इसी कड़ी में अशोक खेमका और प्रदीप कासनी जैसे अधिकारियों का नाम सामने आया। हाल ही में मुंबई स्थित मंत्रालय में दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव तुकाराम मुंधे का तबादला राज्य सचिवालय में सचिव, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, राजस्व और वन विभाग के पद पर किया गया है। उन्हें अगस्त 2025 में यानी एक साल से भी कम समय पहले दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव के पद पर तैनात किया गया था। महाराष्ट्र के बीड़ जिले के रहने वाले तुकाराम मुंधे एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने स्थानीय सरकारी स्कूल से ही पढ़ाई की थी और अधिकारी भी बने। फिलहाल तुकाराम मुंधे की तुलना अशोक खेमका से की जा रही है। उन्हें महाराष्ट्र का अशोक खेमका कहा जा रहा है। IAS अधिकारी के तौर पर 22 साल की नौकरी में तुकाराम मुंधे का तबादला 24 बार हो चुका है। UP News