
उत्तर प्रदेश के संभल की शाही जामा मस्जिद प्रबंध समिति के अध्यक्ष जफर अली एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। मुरादाबाद जेल से रिहा होने के बाद भव्य स्वागत और जुलूस निकालने को लेकर अब उनके खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। अली के साथ उनके 50 से 60 समर्थक भी इस कानूनी कार्रवाई की जद में आ गए हैं। मंगलवार देर रात संभल पुलिस की ओर से जारी बयान में बताया गया कि कोतवाली में दरोगा आशीष तोमर की तहरीर के आधार पर जफर अली सहित सरफराज, ताहिर और हैदर को नामजद किया गया है, जबकि 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ निषेधाज्ञा के उल्लंघन के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है। Uttar Pradesh Samachar
1 अगस्त को जेल से रिहा हुए जफर अली का कारवां जब मुरादाबाद से संभल की ओर रवाना हुआ, तो रास्ते में उनका जगह-जगह ज़ोरदार स्वागत हुआ। लगभग 40 किलोमीटर के इस रोड शो में नारेबाज़ी, आतिशबाज़ी और पुष्पवर्षा के दृश्य खुलेआम देखे गए। इस पूरे आयोजन का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्यवाही शुरू की।
24 नवंबर को जामा मस्जिद में हुए सर्वेक्षण के दौरान जो बवाल हुआ था, उसमें जफर अली की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए थे। उन्हें आपराधिक साजिश रचने और झूठे बयान देकर पुलिस को गुमराह करने के मामले में 23 मार्च को गिरफ्तार कर मुरादाबाद जेल भेजा गया था। अब जब उनकी रिहाई हुई, तो कानून-व्यवस्था की अनदेखी करते हुए जिस प्रकार का जुलूस निकाला गया, उस पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के आयोजनों से शहर की शांति भंग होने की आशंका बनती है, इसलिए कार्रवाई करना अनिवार्य हो गया था। Uttar Pradesh Samachar