गोरखपुर में अवैध असलहा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ खोराबार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार करने के साथ एक बाल अपचारी को भी अभिरक्षा में लिया है।

UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अवैध असलहा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। खोराबार थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस और एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद हुई है। मामला सामने आने के बाद पुलिस की जांच अब सिर्फ हथियार बरामदगी तक सीमित नहीं है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि हथियारों की सप्लाई कहां से होती थी, इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान इस नेटवर्क के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि इस कनेक्शन की आगे जांच की जा रही है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। UP News:
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अफजल खान पुत्र नूरूल हुदा खान, निवासी डिबिया, थाना कैंट, गोरखपुर और मो. शमी पुत्र कुर्बान अली, निवासी दिव्यनगर रानीडीहा, थाना कैंट, गोरखपुर के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 19 और 20 वर्ष बताई गई है। इसके अलावा पुलिस ने एक बाल अपचारी को भी अपनी अभिरक्षा में लिया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। सीओ कैंट अरुण कुमार एस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से एक .315 बोर का अवैध तमंचा, एक .32 बोर की अवैध पिस्टल और मैगजीन तथा एक जिंदा 7.65 बोर कारतूस बरामद किया गया है।
पुलिस ने एक स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद की है, जिसका नंबर UP 53 BF 2735 बताया गया है। पुलिस का मानना है कि वाहन और बरामद हथियारों की जांच से नेटवर्क की गतिविधियों के बारे में अहम सुराग मिल सकते हैं। UP News:
पुलिस की पूछताछ और पूर्व की कार्रवाई के आधार पर एक गंभीर जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस के अनुसार इन तस्करों से खरीदे गए हथियारों का इस्तेमाल करीब छह महीने पहले हुए पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान हत्याकांड में किया गया था। इस दावे के बाद पुलिस ने हथियारों की सप्लाई चेन की जांच तेज कर दी है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार किस स्रोत से गोरखपुर पहुंचते थे और इन्हें किन अपराधियों तक पहुंचाया जाता था। इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा कनेक्शन है। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान इस अंतरराज्यीय असलहा तस्करी नेटवर्क के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने की जानकारी मिली है। हालांकि पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां इस कनेक्शन की विस्तृत जांच कर रही हैं। नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और हथियारों की वास्तविक सप्लाई लाइन का पता लगाने के लिए पूछताछ जारी है।
गोरखपुर में असलहा तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। करीब 20 दिन पहले, 15 सितंबर को यूपी एसटीएफ की गोरखपुर यूनिट ने इसी नेटवर्क से जुड़े पांच कथित असलहा तस्करों को गिरफ्तार किया था। अब खोराबार पुलिस की ताजा कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियों का फोकस इस बात पर है कि क्या गिरफ्तार आरोपियों की कड़ियां पहले पकड़े गए तस्करों से भी जुड़ी हुई हैं। पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और हथियारों के स्रोत तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना खोराबार में धारा 55, 61 बीएनएस तथा धारा 9/25(1)(ए) आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों की तस्करी करने वालों और अपराधियों को हथियार उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। UP News:
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