इमरान मसूद कौन हैं? सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। जानिए उनका राजनीतिक सफर, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से जुड़ाव, 2024 लोकसभा चुनाव की जीत और नई जिम्मेदारी की पूरी कहानी।

उत्तर प्रदेश की सियासत में इमरान मसूद एक बार फिर अहम भूमिका में नजर आ रहे हैं। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को पार्टी ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मिली यह जिम्मेदारी उनके राजनीतिक सफर में एक नया अध्याय जोड़ेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले इमरान मसूद कभी समाजवादी पार्टी के साथ रहे, तो कभी कांग्रेस में लौटकर अपनी सियासी जमीन मजबूत करते नजर आए। 2014 में नरेंद्र मोदी पर दिए विवादित बयान से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए इमरान मसूद ने 2024 में सहारनपुर से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में वापसी की। अब संगठन में मिली नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने उत्तर प्रदेश की सियासत में कांग्रेस की भूमिका मजबूत करने की बहुत महत्वपूर्ण चुनौती है।
कांग्रेस ने 2 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में नियुक्तियों से जुड़ी घोषणा की। इसी संगठनात्मक बदलाव के तहत इमरान मसूद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। अब प्रदेश संगठन में कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारी केवल सहारनपुर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश स्तर पर संगठन से जुड़े कामों में भी उनकी भूमिका रहेगी।
इमरान मसूद का जन्म 2 अप्रैल 1970 को सहारनपुर में हुआ था। संसद की आधिकारिक प्रोफाइल में उनके पिता का नाम राशिद मसूद दर्ज है। मौजूदा समय में वह सहारनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद हैं। जून 2024 में वह 18वीं लोकसभा के लिए चुने गए। इमरान मसूद की राजनीति की शुरुआत स्थानीय स्तर से हुई। नवंबर 2006 से जून 2008 तक वे सहारनपुर नगर निगम के चेयरमैन रहे। इसके बाद अप्रैल 2007 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए और 2012 तक विधायक रहे। स्थानीय राजनीति से शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश की बड़ी राजनीति तक पहुंचा। सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी राजनीतिक सक्रियता के कारण वह क्षेत्रीय राजनीति में एक पहचाना हुआ नाम बने।
इमरान मसूद का राजनीतिक सफर कई उतार चढ़ाव से गुजरा है। वह कांग्रेस के साथ रहने के अलावा समाजवादी पार्टी में भी शामिल हुए थे। 2013 में उन्होंने समाजवादी पार्टी का रुख किया था। इसके बाद 2014 में वह एक बार फिर कांग्रेस में वापस लौट आए। उत्तर प्रदेश की राजनीति में दल बदल और राजनीतिक समीकरणों के बीच इमरान मसूद लगातार अपनी सक्रियता बनाए रहे। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भी उनके समाजवादी पार्टी में जाने की चर्चा और घोषणा हुई थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया और कांग्रेस में ही बने रहे। यही वजह है कि इमरान मसूद का राजनीतिक सफर उत्तर प्रदेश में बदलते राजनीतिक समीकरणों से भी जुड़ा रहा है। अब कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है।
इमरान मसूद ने 2024 का लोकसभा चुनाव सहारनपुर से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर लड़ा और जीत दर्ज की। संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड में उन्हें 18वीं लोकसभा का सदस्य और सहारनपुर का प्रतिनिधि दर्ज किया गया है। लोकसभा पहुंचने के बाद भी इमरान मसूद अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाते रहे हैं। संसद के रिकॉर्ड में सहारनपुर के शेख-उल-हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित करने की जरूरत से जुड़ा उनका मुद्दा भी दर्ज है।
इमरान मसूद का नाम 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान देशभर में चर्चा में आया था। उस समय नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए उनके एक विवादित बयान का वीडियो सामने आया था। बयान के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ और उन्हें गिरफ्तार किया गया था। कांग्रेस ने भी उस बयान से असहमति जताई थी। बाद के वर्षों में यह बयान उनके राजनीतिक सफर का एक चर्चित हिस्सा बना रहा। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी पुराने बयान को लेकर उनसे सवाल किए गए। उस समय उन्होंने पुराने विवाद के बजाय रोटी और रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा की बात कही थी।
इमरान मसूद के बयान समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। उन्होंने सहारनपुर में अखिलेश यादव के चुनाव प्रचार को लेकर सवाल उठाए थे और कांग्रेस तथा राहुल गांधी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया था। इमरान मसूद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर भी अपनी राय रखी थी। उनके इन बयानों पर समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई थी। इस राजनीतिक बयानबाजी के कारण इमरान मसूद उत्तर प्रदेश की गठबंधन राजनीति को लेकर भी लगातार चर्चा में रहे।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद इमरान मसूद के राजनीतिक सफर में एक नई जिम्मेदारी जुड़ गई है। सहारनपुर से सांसद होने के साथ अब वह प्रदेश कांग्रेस संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनकी नई जिम्मेदारी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी तैयारियां आगे बढ़ा रहे हैं। कांग्रेस के लिए प्रदेश संगठन को मजबूत करना और अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियों को बढ़ाना महत्वपूर्ण रहेगा। इस पूरी प्रक्रिया में इमरान मसूद की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद इमरान मसूद ने कहा कि यह पार्टी का निर्णय है। पार्टी उन्हें जहां जिम्मेदारी देगी, वह वहां काम करेंगे। उन्होंने खुद को पार्टी का सिपाही बताते हुए कहा कि पार्टी जहां लगाएगी, वहां काम करेंगे। इमरान मसूद के इस बयान से साफ है कि उन्होंने पार्टी की ओर से दी गई नई जिम्मेदारी को स्वीकार किया है। अब उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन में उनकी भूमिका किस तरह आगे बढ़ती है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।
इमरान मसूद ने स्थानीय निकाय की राजनीति से शुरुआत की और सहारनपुर नगर निगम के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वह उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस के साथ-साथ समाजवादी पार्टी में भी राजनीतिक पारी खेली और बाद में कांग्रेस में वापस लौटे। 2024 में सहारनपुर से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद वह 18वीं लोकसभा के सदस्य बने। संसद की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार वह वर्तमान में कांग्रेस के सांसद हैं और संसदीय समितियों में भी सदस्य के रूप में काम कर चुके हैं। अब 2026 में कांग्रेस ने उन्हें उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस तरह स्थानीय राजनीति से शुरू हुआ इमरान मसूद का सफर अब प्रदेश संगठन की बड़ी जिम्मेदारी तक पहुंच गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि अपनी इस नई जिम्मेदारी में इमरान मसूद कितने खरे उतरते हैं।
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