मुस्कुराइए, आप 'नए उत्तर प्रदेश' के 'नए लखनऊ शहर' में है
उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और इसी कारण इसकी राजधानी लखनऊ का महत्व कई स्तरों पर बेहद खास हो जाता है। आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ केवल तहजीब, नफासत और ऐतिहासिक विरासत का शहर भर नहीं रह गया, बल्कि यह तेजी से आधुनिक शहरी विकास की नई पहचान भी गढ़ रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और इसी कारण इसकी राजधानी लखनऊ का महत्व कई स्तरों पर बेहद खास हो जाता है। आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ केवल तहजीब, नफासत और ऐतिहासिक विरासत का शहर भर नहीं रह गया, बल्कि यह तेजी से आधुनिक शहरी विकास की नई पहचान भी गढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल x पर कहा कि राजधानी का बदलता स्वरूप यह साबित कर रहा है कि लखनऊ अब नए उत्तर प्रदेश की नई सोच, नई रफ्तार और नए विजन का सबसे प्रभावशाली चेहरा बन चुका है। परंपरा और प्रगति का यही संगम अब इस शहर को उस मुकाम पर ले जा रहा है, जहां लोग गर्व के साथ कह सकें - मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं।।
ग्रीन कॉरिडोर से लखनऊ में कनेक्टिविटी होगी और मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में विकसित हो रही 28 किलोमीटर लंबी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना राजधानी के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को आपस में जोड़ेगी। इसके पूरा होने के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि जिन रास्तों पर अभी लोगों को 45 मिनट से लेकर एक घंटा तक लग जाता है, वहां यात्रा का समय घटकर 10 से 15 मिनट तक रह जाएगा। इससे न सिर्फ आवागमन तेज होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजधानी में जाम की पुरानी समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में विकास केवल यातायात परियोजनाओं तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार शहर के समग्र विकास पर काम कर रही है। अवैध कब्जों से जमीन को मुक्त कराकर वहां करोड़ों रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उनका कहना था कि इन प्रयासों के जरिए राजधानी में नई सुविधाएं विकसित हो रही हैं, सार्वजनिक उपयोग के स्थान बेहतर बन रहे हैं और शहरी जीवन को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा रहा है।
परियोजनाओं ने बदली लखनऊ की विकास रेखा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ के विस्तार की नींव पहले भी रखी गई थी। उन्होंने याद दिलाया कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय, जब राजनाथ सिंह भूतल परिवहन मंत्री थे, तब लखनऊ को शहीद पथ जैसी महत्वपूर्ण सौगात मिली थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सहयोग से किसान पथ का निर्माण हुआ, जिसने राजधानी को बाहरी रिंग रोड के रूप में नई संरचना और नई पहचान दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दोनों मार्ग आज लखनऊ के भविष्य, विस्तार और निवेश आधारित विकास के मजबूत आधार बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजधानी अब केवल प्रशासनिक केंद्र नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादन और आधुनिक तकनीक का भी बड़ा हब बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना की स्थापना हुई, जो प्रदेश के औद्योगिक और तकनीकी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और ITI से पढ़े युवा अब अपने ही प्रदेश में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर रहे हैं। राज्य सरकार लखनऊ को स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है, ताकि राजधानी और उससे जुड़े इलाकों का संतुलित और व्यापक विकास सुनिश्चित हो सके।
झूलेलाल वाटिका को फिर मिला सार्वजनिक स्वरूप
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल झूलेलाल वाटिका का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय यह जगह अवैध कब्जे की चपेट में चली गई थी। बाद में प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए इसे कब्जामुक्त कराया गया और फिर जनता के उपयोग के लिए विकसित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थल ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण रहा है और यहां कभी भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले तक आयोजित हुए थे।
उत्तर प्रदेश को ‘ग्रोथ इंजन’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया इस समय कई आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों से गुजर रही है। गल्फ क्षेत्र में तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश भी इस राष्ट्रीय विकास यात्रा में बड़ी भूमिका निभाएगा और देश के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लखनऊ को कनेक्टिविटी, निवेश, टेक्नोलॉजी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा केंद्र बनाने के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
निर्माण कर्मियों का सम्मान
ग्रीन कॉरिडोर का उद्घाटन करने के बाद रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री मनकामनेश्वर मंदिर के पास पहुंचे। वहां निर्माण कार्य में जुटे श्रमिकों पर पुष्प वर्षा की गई और उन्हें सम्मानित भी किया गया। इस दौरान उनके साथ समूह फोटो भी कराया गया। यह दृश्य विकास परियोजनाओं के पीछे काम करने वाले श्रमिकों के प्रति सम्मान का संदेश देता नजर आया।
कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा, संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, जय देवी, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और इसी कारण इसकी राजधानी लखनऊ का महत्व कई स्तरों पर बेहद खास हो जाता है। आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ केवल तहजीब, नफासत और ऐतिहासिक विरासत का शहर भर नहीं रह गया, बल्कि यह तेजी से आधुनिक शहरी विकास की नई पहचान भी गढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल x पर कहा कि राजधानी का बदलता स्वरूप यह साबित कर रहा है कि लखनऊ अब नए उत्तर प्रदेश की नई सोच, नई रफ्तार और नए विजन का सबसे प्रभावशाली चेहरा बन चुका है। परंपरा और प्रगति का यही संगम अब इस शहर को उस मुकाम पर ले जा रहा है, जहां लोग गर्व के साथ कह सकें - मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं।।
ग्रीन कॉरिडोर से लखनऊ में कनेक्टिविटी होगी और मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में विकसित हो रही 28 किलोमीटर लंबी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना राजधानी के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को आपस में जोड़ेगी। इसके पूरा होने के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि जिन रास्तों पर अभी लोगों को 45 मिनट से लेकर एक घंटा तक लग जाता है, वहां यात्रा का समय घटकर 10 से 15 मिनट तक रह जाएगा। इससे न सिर्फ आवागमन तेज होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजधानी में जाम की पुरानी समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में विकास केवल यातायात परियोजनाओं तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार शहर के समग्र विकास पर काम कर रही है। अवैध कब्जों से जमीन को मुक्त कराकर वहां करोड़ों रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उनका कहना था कि इन प्रयासों के जरिए राजधानी में नई सुविधाएं विकसित हो रही हैं, सार्वजनिक उपयोग के स्थान बेहतर बन रहे हैं और शहरी जीवन को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा रहा है।
परियोजनाओं ने बदली लखनऊ की विकास रेखा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ के विस्तार की नींव पहले भी रखी गई थी। उन्होंने याद दिलाया कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय, जब राजनाथ सिंह भूतल परिवहन मंत्री थे, तब लखनऊ को शहीद पथ जैसी महत्वपूर्ण सौगात मिली थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सहयोग से किसान पथ का निर्माण हुआ, जिसने राजधानी को बाहरी रिंग रोड के रूप में नई संरचना और नई पहचान दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दोनों मार्ग आज लखनऊ के भविष्य, विस्तार और निवेश आधारित विकास के मजबूत आधार बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजधानी अब केवल प्रशासनिक केंद्र नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादन और आधुनिक तकनीक का भी बड़ा हब बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना की स्थापना हुई, जो प्रदेश के औद्योगिक और तकनीकी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और ITI से पढ़े युवा अब अपने ही प्रदेश में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर रहे हैं। राज्य सरकार लखनऊ को स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है, ताकि राजधानी और उससे जुड़े इलाकों का संतुलित और व्यापक विकास सुनिश्चित हो सके।
झूलेलाल वाटिका को फिर मिला सार्वजनिक स्वरूप
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल झूलेलाल वाटिका का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय यह जगह अवैध कब्जे की चपेट में चली गई थी। बाद में प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए इसे कब्जामुक्त कराया गया और फिर जनता के उपयोग के लिए विकसित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थल ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण रहा है और यहां कभी भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले तक आयोजित हुए थे।
उत्तर प्रदेश को ‘ग्रोथ इंजन’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया इस समय कई आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों से गुजर रही है। गल्फ क्षेत्र में तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश भी इस राष्ट्रीय विकास यात्रा में बड़ी भूमिका निभाएगा और देश के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लखनऊ को कनेक्टिविटी, निवेश, टेक्नोलॉजी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा केंद्र बनाने के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
निर्माण कर्मियों का सम्मान
ग्रीन कॉरिडोर का उद्घाटन करने के बाद रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री मनकामनेश्वर मंदिर के पास पहुंचे। वहां निर्माण कार्य में जुटे श्रमिकों पर पुष्प वर्षा की गई और उन्हें सम्मानित भी किया गया। इस दौरान उनके साथ समूह फोटो भी कराया गया। यह दृश्य विकास परियोजनाओं के पीछे काम करने वाले श्रमिकों के प्रति सम्मान का संदेश देता नजर आया।
कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा, संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, जय देवी, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। UP News












