21 मामलों का हिस्ट्रीशीटर… कौन था बनारसी यादव, जिसे पुलिस ने मार गिराया?

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र में बारियासनपुर रिंग रोड के पास उसकी मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। टीम ने इलाके को चारों ओर से घेरकर उसे सरेंडर का अवसर दिया, लेकिन उसने हथियार डालने की बजाय फायरिंग शुरू कर दी।

काशी में ढेर हुआ बनारसी यादव
काशी में ढेर हुआ बनारसी यादव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar04 Feb 2026 10:14 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ तेज हुई कार्रवाई के बीच वाराणसी से बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश पुलिस और उत्तर प्रदेश STF की संयुक्त टीम ने कुख्यात शूटर बनारसी यादव को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र में बारियासनपुर रिंग रोड के पास उसकी मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। टीम ने इलाके को चारों ओर से घेरकर उसे सरेंडर का अवसर दिया, लेकिन उसने हथियार डालने की बजाय फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हुआ और अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एनकाउंटर के बाद मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। घटना स्थल पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज/तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और किस नेटवर्क के लिए काम कर रहा था।

महेंद्र गौतम हत्याकांड में सामने आया था सामने नाम

बनारसी यादव का नाम 21 अगस्त 2025 को हुए चर्चित हत्याकांड में प्रमुख रूप से उभरा था। उस दिन सारनाथ क्षेत्र के अरिहंत नगर कॉलोनी (फेज-2) में बाइक सवार बदमाशों ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे जमीन/प्रॉपर्टी विवाद की आशंका थी और कथित तौर पर करीब 40 बिस्वा जमीन को लेकर तनाव चल रहा था, जिसकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये बताई गई।

21 मुकदमों वाला हिस्ट्रीशीटर था बनारसी यादव

जांच में यह भी सामने आया कि इस सनसनीखेज वारदात के पीछे करीब 5 लाख रुपये की सुपारी का खेल था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना के वक्त अरविंद यादव उर्फ फौजी (कल्लू) और विशाल की मौजूदगी का भी उल्लेख है। बताया जा रहा है कि बाइक की कमान विशाल के हाथ में थी, जबकि ट्रिगर दबाने वालों में बनारसी यादव और अरविंद के नाम सामने आए। वारदात के बाद से बनारसी उत्तर प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले तक ठिकाने बदलता रहा। पुलिस के अनुसार, बनारसी के खिलाफ वाराणसी समेत अलग-अलग जिलों में हत्या, लूट और अन्य गंभीर धाराओं में कुल 21 मुकदमे दर्ज थे।  UP News

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VIP सुरक्षा चूक पर उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा कदम, गठित होगी स्पेशल टीम

शासन स्तर से निर्देश जारी हो चुके हैं और चयन प्रक्रिया को भी तेज कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, एडिशनल एसपी से लेकर उप निरीक्षक (दारोगा) स्तर तक के अफसरों और कर्मियों से आवेदन मांगे गए हैं।

यूपी की स्पेशल VIP टीम
यूपी की स्पेशल VIP टीम
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar04 Feb 2026 09:52 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश में वीआईपी सुरक्षा को लेकर सरकार ने जीरो-टॉलरेंस का संदेश देते हुए बड़ा कदम उठाया है। हाल के कुछ कार्यक्रमों में सुरक्षा घेराबंदी में दिखी चूकों को गंभीरता से लेते हुए अबउत्तर प्रदेश पुलिस के भीतर स्पेशल वीआईपी प्रोटेक्शन फोर्स/विशेष सुरक्षा टीम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शासन स्तर से निर्देश जारी हो चुके हैं और चयन प्रक्रिया को भी तेज कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, एडिशनल एसपी से लेकर उप निरीक्षक (दारोगा) स्तर तक के अफसरों और कर्मियों से आवेदन मांगे गए हैं। चयनित पुलिसकर्मियों को इसी महीने मेघालय में हाई-टेक ट्रेनिंग दी जाएगी, जहां उन्हें वीआईपी मूवमेंट की बारीकियां, काफिले की रणनीति, संभावित खतरे की पहचान, भीड़ नियंत्रण, आपात स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स और सुरक्षा प्रोटोकॉल के सख्त पालन जैसी स्किल्स पर विशेष रूप से तैयार किया जाएगा। 

गोरखपुर मॉडल अब पूरे प्रदेश में

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए गोरखपुर में पहले ही एक विशेष वीआईपी सुरक्षा टीम गठित की जा चुकी है, जो अब तक कई बड़े और संवेदनशील कार्यक्रमों में अपनी क्षमता साबित कर चुकी है। अब इसी सफल गोरखपुर मॉडल को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। योजना के तहत प्रदेश के हर जिले में एक-एक डेडिकेटेड वीआईपी प्रोटेक्शन यूनिट बनाई जाएगी, जो जिले में आने वाले मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, न्यायिक अधिकारियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा की कमान संभालेगी। 

सामान्य ड्यूटी से अलग रहेगी स्पेशल टीम

मेघालय में होने वाली ट्रेनिंग के दौरान पुलिसकर्मियों को आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल, क्लोज प्रोटेक्शन तकनीक, इंटेलिजेंस इनपुट पर काम, और संभावित खतरे को पहले ही निष्क्रिय करने की रणनीतियों का अभ्यास कराया जाएगा। साथ ही, तनावपूर्ण परिस्थितियों में सही निर्णय लेने के लिए मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि भीड़ और आपात स्थिति में टीम का रिस्पॉन्स तेज और नियंत्रित रहे। पुलिस विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनिंग पूरी करने के बाद चयनित पुलिसकर्मियों को सामान्य ड्यूटी से अलग रखा जाएगा और उन्हें सिर्फ वीआईपी सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां दी जाएंगी। इससे सुरक्षा व्यवस्था में निरंतरता बनी रहेगी और हर बार अलग-अलग स्टाफ जुटाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। सरकार का मानना है कि अलग से प्रशिक्षित फोर्स होने पर सुरक्षा व्यवस्था ज्यादा प्रभावी, प्रोफेशनल और एक्शन-ओरिएंटेड हो सकेगी। UP News

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गाजियाबाद में हर शुक्रवार खुलेगा प्रॉपर्टी का बड़ा मौका, 130 प्राइम संपत्तियों की होगी नीलामी

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने फैसला किया है कि अब शहर में हर शुक्रवार आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की नियमित नीलामी की जाएगी। इस पहल के तहत कुल 130 प्राइम प्रॉपर्टीज को बोली के लिए पेश किया जाएगा।

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गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए)
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar03 Feb 2026 06:09 PM
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UP News : गाजियाबाद में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक बड़ी राहत और सुनहरा अवसर सामने आया है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने फैसला किया है कि अब शहर में हर शुक्रवार आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की नियमित नीलामी की जाएगी। इस पहल के तहत कुल 130 प्राइम प्रॉपर्टीज को बोली के लिए पेश किया जाएगा।

हिंदी भवन में होगी नीलामी, सुबह 11 बजे से शुरुआत

जीडीए की यह नीलामी लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में आयोजित की जाएगी, जहां बोली प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू होगी। इस नीलामी में गाजियाबाद के उन इलाकों की संपत्तियां शामिल की गई हैं, जिन्हें शहर की सबसे विकसित और हाई-डिमांड लोकेशन माना जाता है। इंदिरापुरम, कौशांबी, कोयल एन्क्लेव, इंद्रप्रस्थ और आंबेडकर रोड जैसे क्षेत्रों में मौजूद प्लॉट निवेशकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

मकान ही नहीं, बिजनेस और सामाजिक जरूरतों के लिए भी प्लॉट

इस नीलामी की खास बात यह है कि इसमें केवल घर या दुकान के लिए ही संपत्तियां उपलब्ध नहीं हैं, बल्कि स्कूल, अस्पताल, हेल्थ सेंटर और कियोस्क जैसे जरूरी ढांचों के लिए भी भूखंड शामिल किए गए हैं। जीडीए अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य सिर्फ राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि गाजियाबाद के संतुलित और समग्र शहरी विकास को गति देना है।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान, आनलाइन और आफलाइन दोनों विकल्प

नीलामी में भाग लेने के लिए जीडीए ने आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया है। गाजियाबाद के निवेशक एचडीएफसी बैंक की किसी भी शाखा से आॅफलाइन आवेदन फॉर्म लेकर उसे जमा कर सकते हैं। वहीं, बाहर के निवेशकों के लिए आॅनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है, जिसके तहत वे जीडीए की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सीधे नीलामी में हिस्सा ले सकते हैं।

2026 की शुरुआत में ही जीडीए को मिला बड़ा राजस्व

गाजियाबाद की प्रॉपर्टी मार्केट में निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है। साल 2026 में अब तक हुई केवल दो नीलामियों से जीडीए को लगभग 450 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित नीलामी से बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा। कुल मिलाकर, जो लोग गाजियाबाद में अपना घर बनाने या व्यवसाय का विस्तार करने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए जीडीए की यह साप्ताहिक नीलामी एक बेहद अहम और लाभकारी अवसर साबित हो सकती है।

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