गाजियाबाद के स्कूल में तेंदुआ दिखने से हड़कंप, वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा

डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) ईशा तिवारी के मुताबिक, गोविंदपुरम स्थित स्कूल प्रशासन ने सुबह करीब 7:50 बजे वन विभाग को कॉल किया और आउटर सिक्योरिटी कैमरे का वीडियो साझा किया।

स्कूल परिसर में तेंदुए की हलचल
स्कूल परिसर में तेंदुए की हलचल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar25 Feb 2026 01:28 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बुधवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले स्तिथ कविनगर थाना क्षेत्र के एनडीआरएफ रोड स्थित ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल के परिसर में तेंदुआ देखे जाने की सूचना सामने आई। बताया जा रहा है कि यह घटना सुबह करीब 6 बजे की है। खबर मिलते ही स्कूल प्रशासन ने बिना समय गंवाए एहतियातन स्कूल बंद कर दिया और बच्चों व स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिसर खाली कराया गया। वहीं, सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश वन विभाग की टीम रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ाते हुए तेंदुए की तलाश शुरू कर दी।

मैदान में दिखी चहलकदमी

प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, तेंदुआ स्कूल के भीतर घुस आया और उसने कुछ कक्षाओं की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन दरवाजे बंद होने के कारण वह अंदर नहीं जा सका। इसके बाद वह स्कूल के मैदान में करीब दो मिनट तक चहलकदमी करता दिखा। कैमरों में गतिविधि दिखते ही स्टाफ और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) ईशा तिवारी के मुताबिक, गोविंदपुरम स्थित स्कूल प्रशासन ने सुबह करीब 7:50 बजे वन विभाग को कॉल किया और आउटर सिक्योरिटी कैमरे का वीडियो साझा किया। वीडियो में एक जानवर आता-जाता दिखाई दे रहा है, जो तेंदुआ प्रतीत हो रहा है। सूचना के बाद उत्तर प्रदेश वन विभाग की टीम सुबह करीब 8:30 बजे स्कूल पहुंची।



बाउंड्री के भीतर छिपे होने की आशंका

DFO के अनुसार, मौके पर पहुंचने के बाद तेंदुआ स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दिया, लेकिन स्कूल स्टाफ ने आशंका जताई कि बाउंड्री वॉल के अंदर कहीं हलचल/छिपने जैसी स्थिति हो सकती है। इसके बाद टीम ने पूरे स्कूल परिसर को घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। मौके पर ट्रैंक्विलाइजेशन टीम भी तैनात है, ताकि तेंदुआ दिखते ही उसे सुरक्षित तरीके से बेहोश कर पकड़ा जा सके। फिलहाल स्कूल पूरे दिन के लिए बंद रखा गया है। वन विभाग और स्थानीय पुलिस सतर्कता के साथ इलाके पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हलचल मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। UP News

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2027 विधानसभा चुनाव से पहले मायावती ने चला ब्राह्मण कार्ड, बढ़ी हलचल

सियासी गलियारों में इस कदम को मायावती की उस पुरानी लेकिन असरदार रणनीति की वापसी के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें दलित वोट आधार के साथ ब्राह्मण समर्थन जोड़कर उत्तर प्रदेश में सामाजिक संतुलन और चुनावी बढ़त बनाने की कोशिश की जाती रही है।

बसपा प्रमुख मायावती
बसपा प्रमुख मायावती
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar25 Feb 2026 11:06 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश में चुनावी बिसात धीरे-धीरे सजने लगी है और हर राजनितिक दल अपने-अपने समीकरण दुरुस्त करने में जुटा दिख रहा है। लंबे समय से उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर चल रही उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री तथा बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती भी इस बार संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारी को धार देने के मूड में नजर आ रही हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री तथा बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने बड़ा दांव चला है। बसपा प्रमुख मायावती ने सबसे पहले ब्राह्मण नेतृत्व को आगे कर संकेत दे दिया है कि पार्टी इस बार भी 2007 की सोशल इंजीनियरिंग वाले मॉडल को नए अंदाज में दोहराने की तैयारी में है। सियासी गलियारों में इस कदम को मायावती की उस पुरानी लेकिन असरदार रणनीति की वापसी के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें दलित वोट आधार के साथ ब्राह्मण समर्थन जोड़कर उत्तर प्रदेश में सामाजिक संतुलन और चुनावी बढ़त बनाने की कोशिश की जाती रही है।

उत्तर प्रदेश में BSP का पहला कदम

माधौगढ़ सीट को BSP के प्रभाव वाले इलाकों में गिना जाता है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में चुनावी शेड्यूल घोषित होने से पहले जिन चेहरों को प्रभारी बनाया जाता है, अक्सर वही आगे चलकर पार्टी के उम्मीदवार भी बनते हैं। बताया जा रहा है कि होली के बाद BSP कानपुर मंडल की कुछ सीटों पर भी इसी तरह प्रभारियों के नाम घोषित कर सकती है। यानी उत्तर प्रदेश में BSP चरणबद्ध तरीके से अपने उम्मीदवारों/प्रभारियों की सूची सामने ला सकती है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण मतदाता कई क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। BSP ने पहला नाम ब्राह्मण समुदाय से जोड़कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी सामाजिक समीकरणों को लेकर फिर से सक्रिय रणनीति अपना रही है। मायावती बीते कुछ समय से लगातार ब्राह्मण समाज की उपेक्षा का मुद्दा उठाती रही हैं। एक हालिया पार्टी बैठक के बाद भी उन्होंने यह बात दोहराई थी कि उत्तर प्रदेश में कई वर्ग परेशान हैं और ब्राह्मण समाज “असम्मान” के सवाल पर ज्यादा मुखर दिखाई देता है।

मायावती ने ब्राह्मण सम्मान को बनाया मुद्दा

हाल में एक फिल्म को लेकर उठे विवाद के दौरान भी मायावती ने ब्राह्मण समाज के कथित अपमान पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा था कि फिल्मों और सार्वजनिक मंचों पर “पंडित” शब्द को गलत संदर्भ में पेश करने से समाज में रोष बढ़ रहा है। BSP ने इस मुद्दे पर सख्त रुख दिखाते हुए कार्रवाई/बैन जैसी मांग भी रखी थी। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2007 का चुनाव मायावती की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है, जब उन्होंने सामाजिक गठजोड़ के जरिए सत्ता में मजबूत वापसी की थी। तब BSP ने दलित वोट आधार के साथ ब्राह्मणों को जोड़कर एक प्रभावी सोशल इंजीनियरिंग मॉडल पेश किया था।बढ़ सकता है। UP News

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होली पर उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी बस सेवा, घर वापसी होगी आसान

ऐसे में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने इन इलाकों में बसों और स्टाफ की पर्याप्त संख्या पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने बताया कि यदि शुरुआती स्टेशनों से 60 प्रतिशत तक यात्री लोड मिलता है, तो जरूरत के अनुसार उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अतिरिक्त बसें बढ़ाई जाएंगी।

यूपी रोडवेज का बड़ा प्लान
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locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar25 Feb 2026 09:34 AM
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UP News : होली से पहले ही बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने परिवहन व्यवस्था पर बड़ा फैसला लिया है। त्योहार के दिनों में घर लौटने वालों को बसों की कमी न झेलनी पड़े और बस अड्डों पर अफरा-तफरी की स्थिति न बने इसके लिए 28 फरवरी से 9 मार्च तक प्रदेशभर में अतिरिक्त बसें चलाने का आदेश जारी किया गया है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के मुताबिक, होली के दौरान दिल्ली, गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने-जाने वाले यात्रियों का दबाव सबसे ज्यादा होता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने इन इलाकों में बसों और स्टाफ की पर्याप्त संख्या पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने बताया कि यदि शुरुआती स्टेशनों से 60 प्रतिशत तक यात्री लोड मिलता है, तो जरूरत के अनुसार उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अतिरिक्त बसें बढ़ाई जाएंगी। 

हर बस की होगी जांच

होली के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को लेकर सरकार ने नो-लूज एंड प्लान लागू कर दिया है। मंत्री के निर्देश स्पष्ट हैं कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की शत-प्रतिशत बसें ऑन-रोड रहेंगी, ताकि त्योहार के बीच यात्रियों को रूट पर बसों की कमी न झेलनी पड़े। इसी के साथ पर्व अवधि में अनुबंधित बसों के कर्मचारियों की छुट्टी पर भी रोक लगाने को कहा गया है। बस मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय रहते मरम्मत, फिटनेस और तकनीकी जांच पूरी कर बसों को संचालन के लिए तैयार रखें क्योंकि होली पर उत्तर प्रदेश में एक-एक बस का फर्क पड़ता है। सिर्फ बसों की संख्या बढ़ाना ही नहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा को भी सबसे ऊपर रखा है। जाम, भीड़ या किसी दुर्घटना की स्थिति में संचालन बाधित न हो इसके लिए निगरानी तंत्र को और कड़ा किया जा रहा है।

  1. प्रवर्तन टीमें लगातार मैदान में रहकर निगरानी करेंगी
  2. चालक-परिचालकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट अनिवार्य होगा
  3. बसों की तकनीकी फिटनेस (ब्रेक, लाइट, टायर आदि) की नियमित जांच होगी
  4. सीटें, खिड़कियों के शीशे और फायर सेफ्टी उपकरण दुरुस्त रखने के निर्देश
  5. बस अड्डों और बसों में स्वच्छता पर खास फोकस रहेगा, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सके

उत्तर प्रदेश में टॉप परफॉर्मर्स को सम्मानित करेगी सरकार

होली के दौरान यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन व्यवस्था को चलाने वाले फ्रंटलाइन हीरोज यानी चालक-परिचालकों के लिए भी बड़ा प्रोत्साहन पैकेज तैयार किया है। संदेश साफ है: जितना बेहतर संचालन, उतना बेहतर इनाम। पर्व अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चालक-परिचालकों (संविदा और आउटसोर्सिंग सहित) को तय मानकों के आधार पर अतिरिक्त राशि दी जाएगी। योजना के तहत प्रतिदिन औसतन 300 किमी संचालन करने पर 360 रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 3600 रुपये प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं 10 दिन की पूरी ड्यूटी और निर्धारित मानक पूरा करने पर यह बढ़कर 450 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 4500 रुपये तक पहुंच जाएगा। निर्धारित मानक से ज्यादा दूरी तय करने पर 55 पैसे प्रति किमी अतिरिक्त मानदेय भी दिया जाएगा। यहीं नहीं, उत्तर प्रदेश के डिपो और क्षेत्रीय कार्यशालाओं में तैनात कर्मचारियों के लिए भी एकमुश्त प्रोत्साहन तय किया गया है, 10 दिन लगातार ड्यूटी करने पर 2100 रुपये, जबकि 9 दिन ड्यूटी पर 1800 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रोत्साहन अवधि में असाधारण काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को क्षेत्रीय समिति की संस्तुति पर अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। और जो टीमें कमाई के मोर्चे पर बाजी मारेंगी, उन्हें सम्मान भी मिलेगा। UP News

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