सिद्धार्थनगर में भारत-नेपाल सीमा के खुनुवा बॉर्डर पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई हुई। जेसीबी से अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया और स्थायी अतिक्रमण करने वालों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया।

UP News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में भारत-नेपाल सीमा पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ "बाबा का बुलडोजर" चलाया गया। गृह मंत्रालय के निर्देश पर नायब तहसीलदार शोहरतगढ़ माधुर्य यादव और एसएसबी असिस्टेंट कमांडेंट नितेश के नेतृत्व में राजस्व विभाग, पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने खुनुवा बॉर्डर पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इस दौरान जेसीबी की मदद से सीमा क्षेत्र में किए गए अस्थायी अतिक्रमण को हटाया गया। संयुक्त टीम ने बॉर्डर पिलर संख्या 556 से 555 के बीच कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, नो मेंस लैंड से करीब 15 मीटर अंदर भारतीय सीमा क्षेत्र में अस्थायी अतिक्रमण किया गया था। टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से इस अतिक्रमण को हटवा दिया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण करने वालों को स्पष्ट चेतावनी भी दी। स्थायी अतिक्रमण करने वाले लोगों को एक सप्ताह के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यदि स्थायी अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो संयुक्त टीम द्वारा उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण करने वालों में हलचल देखने को मिली। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य सीमा क्षेत्र में सार्वजनिक और सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना बताया गया है। UP News
सीमा क्षेत्र के अलावा खुनुवा कस्बे के मुख्य मार्ग के दोनों ओर भी अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई की गई। टीम ने नवीन परती, लोक निर्माण विभाग की जमीन और रास्ते की भूमि पर किए गए अस्थायी एवं स्थायी अतिक्रमण को चिन्हित किया। अधिकारियों ने संबंधित लोगों को सार्वजनिक भूमि और रास्तों पर किए गए अतिक्रमण को निर्धारित समय के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्देशों का पालन नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एसएसबी के एसआई हनुमान उपाध्याय, खुनुवा चौकी प्रभारी सुरेश यादव, राजस्व निरीक्षक भोला चौधरी, लेखपाल आशीष संगम, विजय और नितीश समेत राजस्व विभाग, पुलिस और एसएसबी के जवान मौजूद रहे। सीमा क्षेत्र में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई को सुरक्षा एवं सार्वजनिक भूमि से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। UP News
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