रनवे की लंबाई 2,110 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर होगी, जिससे न केवल ड्रोन बल्कि सी-295 और सी-130 जैसे भारी मालवाहक विमान भी यहां सुरक्षित रूप से उतर सकेंगे। यह कदम भारत की सामरिक और रणनीतिक क्षमता को मजबूत करने के साथ ही देश के पहले ड्रोन ट्रेनिंग हब की नींव भी रखेगा।

UP News : उत्तर प्रदेश के मेरठ में देश का पहला विशेष ड्रोन और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट रनवे विकसित किया जाएगा। इसके लिए सीमा सड़क संगठन ने लगभग 406 करोड़ का टेंडर जारी किया है। यह प्रोजेक्ट 900 एकड़ में फैलेगा और इसे पूरा होने में करीब सात साल का समय लगेगा।
रनवे की लंबाई 2,110 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर होगी, जिससे न केवल ड्रोन बल्कि सी-295 और सी-130 जैसे भारी मालवाहक विमान भी यहां सुरक्षित रूप से उतर सकेंगे। यह कदम भारत की सामरिक और रणनीतिक क्षमता को मजबूत करने के साथ ही देश के पहले ड्रोन ट्रेनिंग हब की नींव भी रखेगा।
* सीमा निगरानी: मेरठ की भौगोलिक स्थिति इसे सीमाओं की लगातार हवाई निगरानी के लिए उपयुक्त बनाती है।
* ड्रोन प्रशिक्षण: यह रनवे देश के ड्रोन पायलटों के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
* आपदा प्रबंधन: रनवे का उपयोग बाढ़, भूकंप या अन्य आपदा परिस्थितियों में राहत सामग्री और दवाइयां पहुंचाने के लिए किया जा सकेगा।
* भारी विमान संचालन: रनवे का डिजाइन ऐसा है कि बड़े परिवहन विमान भी इसे इस्तेमाल कर सकेंगे।
मेरठ की दिल्ली-एनसीआर के पास स्थिति और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रणनीतिक महत्व इसे इस तरह के प्रोजेक्ट के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है। यहां से सीमावर्ती क्षेत्रों पर निगरानी करना आसान होगा और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी सहज रहेगा। यह प्रोजेक्ट न केवल रक्षा और सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि नागरिक राहत कार्यों और ड्रोन प्रौद्योगिकी के प्रशिक्षण में भी क्रांति लाएगा। UP News