UP News: इसी मुठभेड़ के दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार भी वीरगति को प्राप्त हो गए। उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें देश के वीरता सम्मान कीर्ति चक्र से मरणोपरांत सम्मानित किया गया।

उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए स्वतंत्रता दिवस का दिन गर्व और भावुकता से भरा रहा। शामली में कुख्यात मुकीम काला गिरोह के बदमाशों के खिलाफ हुई मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाने वाले एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके परिवार को सौंपा गया। एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने मसूरी गांव पहुंचकर शहीद इंस्पेक्टर के परिवार को यह सम्मान प्रदान किया।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने अपनी टीम के साथ शामली में मुकीम काला गिरोह के बदमाशों के खिलाफ हुई मुठभेड़ में हिस्सा लिया था। इस कार्रवाई में अरशद समेत गिरोह के चार बदमाश मारे गए। इसी मुठभेड़ के दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार भी वीरगति को प्राप्त हो गए। उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें देश के वीरता सम्मान कीर्ति चक्र से मरणोपरांत सम्मानित किया गया।
एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में पहली बार किसी पुलिसकर्मी को कीर्ति चक्र जैसा बड़ा वीरता सम्मान मिला है। उन्होंने इंस्पेक्टर सुनील कुमार की बहादुरी को पूरे प्रदेश की पुलिस के लिए गर्व और प्रेरणा बताया। स्वतंत्रता दिवस पर उनके परिवार को सम्मान सौंपते हुए उनकी वीरता और बलिदान को याद किया गया। जिस जांबाज ने बदमाशों के सामने हार नहीं मानी। आज पूरा देश उनकी बहादुरी को सलाम कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र मिलने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए यह दिन गौरव और भावुकता से भरा है। उन्होंने इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र मिलना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात बताया। सीएम योगी ने उनकी वीरता और अमर स्मृतियों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को मजबूती से लागू करने का संकल्प जारी है।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार की कहानी साहस और बलिदान की मिसाल बन गई है। कर्तव्य निभाते हुए उन्होंने अपनी जान गंवाई और मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित हुए। यूपी पुलिस के इतिहास में पहली बार किसी पुलिसकर्मी को यह सम्मान मिलना इस उपलब्धि को और खास बनाता है।
कीर्ति चक्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। यह सम्मान उन सैनिकों और नागरिकों को दिया जाता है जो युद्ध के मैदान से बाहर असाधारण बहादुरी, अदम्य साहस या आत्म-बलिदान का परिचय देते हैं। शांतिकाल के वीरता पुरस्कारों में अशोक चक्र के बाद कीर्ति चक्र का स्थान आता है। यह सम्मान किसी कठिन परिस्थिति में अपनी जान की परवाह किए बिना साहस दिखाने और दूसरों की रक्षा या कर्तव्य निभाते हुए असाधारण वीरता का परिचय देने वालों को दिया जाता है। इंस्पेक्टर सुनील कुमार को भी उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।
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